UPDATED POSTS

🔄 Recently Updated Posts

3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

NTT RECRUITMENT HIMACHAL: प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए NTT करने वाले 70% और आंगनबाड़ी वर्करों को 30 फीसदी पद

 प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम शुरू हो गया है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक हुई। 

प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) करने वालों को 70 फीसदी और आंगनबाड़ी वर्करों को 30 फीसदी पद दिए जाएंगे।





प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों के तहत भर्ती की जाएगी। 




शिक्षा विभाग इस बाबत प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लेकर जाएगा। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है। एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से उन्हें ही इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है। 


विभागीयय अधिकारियों की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में दस विद्यार्थियों से अधिक संख्या वाले स्कूलों में शिक्षक भर्ती करने और शिक्षकों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तय करने की सिफारिश भी की जा रही है। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. वीरेंद्र शर्मा, महिला एवं बाल विकास निदेशक राखिल काहलो सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

LT BATCHWISE RECRUITMENT 2021: जिला ऊना में इन अभ्यर्थियों को मिली नौकरी, देखें

 

The Batch wise Counselling of LT conducted ddee Una office on dated 12.10.2020, and in the recommendation of the Screening Committee constituted for the purpose of Batch wise Counselling of LT , the following Candidates/ Candidate is/ are hereby offered appointment of LT purely on Contract basis in the pay scale of Rs (10300-34800+3200) with the initial start of 18300 i.e. minimum of the pay band + Grade Pay of the post +DA 150% of Grade pay (10300+3200+4800). Only annual increase @ 3% of the minimum of the pay band + Grade Pay is admissible.


 This Increase of 3 % will not be given on progressive Contractual amount without rounding off to the next multipal of ten . 


The appointees are directed to report for duty in the respective place of their posting against clear Cut Vacancy, as shown against their names within Fifteen days from the issue of these orders subject to the acceptance and fulfillment of the following specific terms & Conditions in addition to the usual Terms & conditions of the appointment Annexed at Annexure-A failing which, your candidature shall automatically stand cancelled and the next candidate from the waiting list will be appointed in his/her place. 1.

 Since the appointment is being offered purely on contract basis, the candidate will have to execute a bond on judicial paper with the Principal/Headmaster of concerned school, where he/she is posted that he/she has carefully gone through the conditions of the contract appointment and the conditions imposed are acceptable to him. The joining report will be accepted only after the execution of the requisite bond between the Head of institution and the candidate.

 2. It will be the personal responsibility of the candidate/individual to inform this office on the Performa enclosed duly counter signed by the concerned Principal/Headmaster of their school that he/she has joined the place of his appointment on or before schedule period failing which this offer shall stand withdrawn without any notice. 

 3. That the Head of the institute will ensure that the Educational and professional qualifications possessed by the candidate is from recognized University/institution. This verification should be made within three months from the date of joining The Attested copies of the certificates awarded to the candidates by the recognized University/Institution be kept in the office for record.


NTT RECRUITMENT HIMACHAL: शिक्षा विभाग शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम ही नहीं बना पाया, लटकी भर्ती

 


हिमाचल में एन.टी.टी. शिक्षकों की भर्ती लटकी शिक्षा विभाग शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम ही नहीं बना पाया,


हिमाचल  शिक्षा विभाग अभी तक प्री प्राइमरी कक्षा को पढ़ाने के लिए नियुक्त किए जाने वाले शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम नहीं बना पाया है।


 ऐसे में हिमाचल प्रदेश में इन शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लटकती नजर आ रही है। हालांकि प्रदेश सरकार ने इस भर्ती में एन.टी.टी. को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। पिछले एक साल से यह प्रक्रिया लटकी हुई है। मौजूदा समय में 3,840 स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं और इस सत्र में 100 से अधिक नए स्कूल इसमें शामिल किए जा रहे हैं।


 अभी तक इन कक्षाओं को पढ़ाने का जिम्मा जे.बी.टी. शिक्षकों को दिया गया है। समग्र शिक्षा ने पिछले साल प्रोजैक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में शिक्षक भर्ती के लिए बजट की मांग केंद्र सरकार से की थी। केंद्र ने इसके लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया था। 

विभाग पहले आऊटसोर्स आधार पर ये भर्तियां करना चाहता था लेकिन बाद में विभाग ने इसमें नियमित भर्ती करने का निर्णय लिया। इस भर्ती में डिप्लोमा इन एलीमैंटरी एजुकेशन (डी.एल.एड.) व नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एन.टी.टी.) इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। 

HP NTT RECRUITMENT 2021: 3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती




प्री नर्सरी पर  अभी केंद्र से फैसले का इंतजार ।
राज्य में प्री नर्सरी टीचर की भर्ती को लेकर केद्र सरकार से फैसले का इंतजार है। 






इस बारे में समय शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट अपूवल बोर्ड ( PAB) की बैठक हो गई है। लेकिन बैठक में क्या हुआ इसके मिनट्स अभी नहीं आए है। इस फैसले के बाद ही यह तय होगा कि राज्य सरकार एनटीटी की भर्ती करती है या कुछ और कैटेगरी को भी इसमें शामिल करती है। 



प्री प्राइमरी के लिए 3840 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। केंद्र ने नई शिक्षा नीति के तहत प्री प्राइमरी सभी राज्यों के लिए अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि केंद्र पीएबी की बैठक में भर्ती को लेकर कोई निर्देश जारी करेगा ।

शिक्षा विभाग में 12000 पदों पर भर्ती शुरू!

 

राज्य शिक्षा विभाग में 12,000 पदों को भरने की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री के बजट भाषण में घोषित इन पदों पर प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशकों के साथ सचिवालय में बैठक की। इस बैठक में इन पदों का टीचर कैटेगिरी वाइज आवंटन हो गया है। अब दोनों निदेशालय इस बारे में प्रपोजल भेजेंगे और शिक्षा सचिव इसी अनुसार फाइनांस के साथ ये मामला उठाएंगे। इसके बाद पद भरने की मंजूरी के मामले कैबिनेट में अंतिम स्वीकृति के लिए रखे जाएगे। सचिवालय में हुई इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक शुभकरण मौजूद थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने इस साल के बजट में शिक्षा विभाग के लिए कुल 12000 पदों की भर्ती का एलान किया है। 



इनमें 8000 पद पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों के लिए हैं और 4000 पद शिक्षकों की 6 कैटेगिरी से भरे जाएंगे। इनमें सहायक प्रोफेसर कॉलेज, स्कूल प्रवक्ता, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी और जेबीटी शामिल हैं । शनिवार की बैठक में मेंं दोनों निदेशकों को पहले चरण में मांगे जाने वाले पदों का ब्योरा दे दिया गया है। शिक्षकों की भर्तियां या तो लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से होनी हैं या फिर कुल वर्गों में ये बैचवाइज भी होंगी। इसलिए ये लंबी प्रक्रिया है। यही कारण है कि शिक्षा सचिव राजीव शर्मा मई महीने में इन पदों को लेकर सरकार से क्लीयरेंस करवाना चाहते हैं ताकि भर्ती में और देरी न हो। पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती हालांकि नई नीति के अनुसार एसडीएम के स्तर पर होगी। ये पद भी 8000 हैं। 

इस भर्ती कमेटी में एसडीएस चेयरमैन, बीईईओ या संबंधित स्कूल का हेडमास्टर या प्रिंसिपल मेंबर सेक्रेटरी और एसएमसी का अध्यक्ष सदस्य होगा। इस नीति में स्कूल से घर की दूरी, एजूकेशन और पात्रता के आधार पर नंबर मिलेंगे। लेकिन सरकार के पास लंबित 150 से ज्यादा करूणामूलक भर्ती के आवेदनों को भी इसमें लिया जा सकता है। शनिवार की बैठक में इन पदों की भर्ती के लिए जल्दी से कैबिनेट नोट तैयार करने का फैसला हुआ। यानी अगली एक या दो कैबिनेट बैठकों में ये मामला रखा जा सकता है।

मल्टीटास्किंग ‌वर्कर की भर्ती अपडेट जाने यहां


प्री-नर्सरी टीचर्स के पद अलग से भरे जाएंगे:  इसी साल प्री नर्सरी टीचर्स के पद अलग से भरे जाएंगे। ये सीएम के बजट भाषण का हिस्सा नहीं है। इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्र से मिलने वाले बजट से भरा जाएगा। ये पद भी करीब 3500 हो सकते हैं। इस बारे में पदों की संख्या और भर्ती का तरीका 13 मई को दिल्ली में होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में तय होगा। हालांकि इन पदों को भरने के लिए गाइडलाइन बनाने पर काम चल रहा है। 

प्री प्राईमरी शिक्षकों की भर्ती अपडेट जाने यहां


ड्राइंग मास्टर और पीईटी पर अब नया प्रस्ताव : शिक्षा विभाग ने इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में ही बजट से ठीक पहले ड्राइंग मास्टर के 500 और फिजीकल एजुकेशन टीचर के 500 पद भरने का केस वित्त विभाग को भेजा था। इन पर आज तक कोई रिप्लाई नहीं आया है। इसलिए अब ये प्रस्ताव भी नए 4000 पदों के साथ ही नए सिरे से भेजा जाएगा। पहले वित्त विभाग को आपत्ति थी कि ये भर्ती मिडल और हाई स्कूलों में न हो। लेकिन मुख्यमंत्री की बजट घोषणा का केस जाएगा। 

हिमाचल में शिक्षकों व अन्य पदों पर भर्ती हेतु यहां क्लिक करें



प्री प्राईमरी में की जाए एनटीटी की नियुक्ति|| विधानसभा के बाहर प्रदर्शन

 

प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया। संघ ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी कक्षाओं को शुरू किया गया है। 


नई शिक्षा नीति के तहत हर प्री नर्सरी को अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक इन कक्षाओं को पढ़ाने का कार्य जेबीटी शिक्षकों को दिया गया है। जबकि प्रदेश में सैकड़ों महिलाएं ऐसी है जिन्होंने एनटीटी का कोर्स किया है और वह इसके लिए पात्रता रखती हैं।


 राज्य अध्यक्ष गायत्री शर्मा, उपाध्यक्ष नीशू देवी, महामंत्री कल्पना शर्मा ने केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत प्री नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 23 साल पहले उन लोगों ने एनटीटी कोर्स किया है। 

वह बेरोजगार हैं। ऐसे में जब प्री नर्सरी कक्षाएं शुरू की जा रही है तो उन्हें पढ़ाने का जिम्मा सौंपना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बैच वाइज आधार पर एनटीटी की नियुक्तियां होती है। उन्होंने कहा कि वह किसी का हक नहीं मांग रहे हैं बल्कि इस पद के लिए पात्रता रखते हैं। करें, जैसे जेबीटी और टीजीटी में

प्री प्राईमरी स्कूलों में तैनात हों प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाएं


प्रदेश सरकार नई शिक्षा ला रही है, जिसमें हर सरकारी स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। इसके लिए बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बैचवाइज की जाए। यह अनुरोध बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ जिला कांगड़ा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किया है। 


इन अध्यापिकाओं का कहना है कि उन्होंने एक साल का नर्सरी अध्यापिका का कोर्स किया है और दो साल का डीएलएड कोर्स भी किया है, जिस कारण उन्हें बच्चों को पढ़ाने का अनुभव है। 


बेरोजगारर प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ की प्रधान रेणु शर्मा व महासचिव नैना शर्मा ने कहा कि ये नर्सरी अध्यापिकाएं 15-20 वर्षों से निजी स्कूलों में बतौर अध्यापिका कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र 3000 रुपए तक वेतन मिल रहा है। 
Read All update about 

यही नहीं, कोरोना काल में सरकार की गलत नीतियों के चलते उन समेत हजारों शिक्षक वेतन से वंचित रह गए हैं। यहां तक कि पूरा साल ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाते रहे, ताकि उन्हें स्कूल से न निकालें। इसी के चलते बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें प्री-प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति दी जाए।

हजारों बेरोजगारों की निगाहें प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती पर||सरकार अभी तक आर एंड पी नियम तक नहीं बना पाई

 

तीन से पांच साल तक के बच्चों को सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ाएगा। अभी तक प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती पर सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी हुए प्री नर्सरी बच्चों के दाखिले का रिकार्ड देखें, तो है 31 जनवरी तक 3840 सरकारी स्कूलों में 28430 नन्हे मुन्नों ने दाखिले लिए हैं। प्री प्राइमरी दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या तीन से चार साल तक की है। 


हैरानी है कि अब 28,430 छोटे बच्चों को स्कूलों में शिक्षा की लौ कौन जगाएगा। अभी तक सरकार ने आर एंड पी रूल्ज़ ही तैयार नहीं किए हैं। उधर विधानसभा में भी है विधायक के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने लिखित में कहा कि अभी सरकार प्री नर्सरी शिक्षकों की भर्ती पर कार्य कर रही है। 

प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती 2021 पढ़ें हर अपडेट यहाँ



अब सवाल यह उठता है कि छोटे बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने के दावे कैसे सहीं होगे, जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे।

हिमाचल में सरकारी नौकरियों की अपडेट यहाँ देखें



 प्री नर्सरी छात्रों को अभी  जेबीटी शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं,  लेकिन जेबीटी शिक्षकों के पास पहले ही पहली से पांचवी तक की कक्षाएं होती हैं। ऐसे में जेबीटी शिक्षक उतना फोकस छोटे 'बच्चों पर नहीं कर पाएंगे। उधर, तीन साल तक के की बच्चों को खेल-खेल में कैसे की पढ़ाया जाना है, इसकी ट्रेनिंग एनटीटी शिक्षकों को दी जाती है। 

अब प्रदेश के हजारों बेराजगार युवाओं की निगाहें सरकार के प्री नर्सरी शिक्षकों के लिए तय किए जाने वाले आर एंड पी रूल्ज़ पर भी हैं। ऐसे में अहम रहेगा कि कब स्कूलों को प्री नर्सरी के अलग भी शिक्षक मिलते हैं।

विधानसभा के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, प्री प्राईमरी शिक्षक के पदों पर दें नियुक्ति

 


आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने मांगों के समर्थन में पंचायत भवन शिमला से लेकर विधानसभा तक रैली निकाली। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेशभर से सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने भाग लिया। रैली के दौरान करीब दो घंटे तक शिमला शहर में भारी यातायात जाम लग गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई। सीटू के बैनर तले यह प्रदर्शन किया गया। 



 यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। अठारह हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की 37 हजार आंगनबाड़ी कर्मी हड़ताल पर रहीं। 


उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी नहीं किए तो आंदोलन तेज होगा। केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की। 

हिमाचल में प्री प्राईमरी शिक्षकों की भर्ती, अपडेट




उन्होंने कहा कि छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही कर रही हैं। वहीं, नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की। आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि ने संबोधन किया। 


हिमाचल में कहाँ हो रही सरकारी भर्ती क्लिक कर पढें



  आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के वेतन में 500 व 300 रुपये की बढ़ोतरी को मजाक करार दिया है। हरियाणा की तर्ज पर वेतन और अन्य सुविधाएं देने की मांग की। आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हजार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने, मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन देने की मांग की है।

प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती में आंगनबाड़ी के लिए नियमों का पेच, एनटीटी या डीएलएड डिग्री वाले बनेंगे.....

शिमला : हिमाचल में प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति में अब नया पेच फंस गया है। नर्सरी और केजी को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति देने के लिए सरकार पर काफी ज्यादा दबाव है। दूसरी तरफ नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) और डीएलएड वाले भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। 

 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के लिए एनसीटीई यानी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नियम आड़े आ रहे हैं। नियमों के तहत नियुक्ति के लिए एनटीटी या डीएलएड व डिग्री होनी जरूरी है। ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास यह डिप्लोमा नहीं है। इसके कारण विभाग यह तय ही नहीं कर पा रहा है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियम (आरएंडपी रूल्स) में किस श्रेणी को रखे व किसे न रखे। इसको लेकर राज्य सचिवालय से लेकर शिक्षा निदेशालय तक में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। 



प्री प्राइमरी के लिए 3840 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। शिक्षा विभाग चाहता है कि नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने पर कोई विवाद न हो। प्रदेश सरकार ऐसे में अपने स्तर  कोई भी फैसला लेने को फिलहाल तैयार नहीं है। शिक्षा मंत्रालय के साथ मार्च में प्रस्तावित प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक का विभाग को इंतजार है। केंद्र ने नई शिक्षा नीति के तहत प्री प्राइमरी सभी राज्यों के लिए अनिवार्य कर दिया है।


 ऐसे में प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि केंद्र पीएबी की बैठक में भर्ती को लेकर कोई निर्देश जारी करेगा। नियमों के तहत नियुक्ति के लिए एनटीटी वा डीएलएड होना जरूरी
प्री प्राइमरी के लिए 3840 शिक्षकों की होनी है नियुक्ति :

  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एनटीटी प्रशिक्षु कई बार मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी मांग को रख चुके हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि तीन साल की आयु के बच्चों को प्री प्राइमरी में है दाखिला देने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों में काम नहीं रहेगा। इतने साल के तक ये वर्कर्स ही छोटे बच्चों को पढ़ाने का काम करती रही हैं, ऐसे में इन्हें ही पढ़ाने की जिम्मेदारी स्कूलों में दी जाए। दूसरी तरफ नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कर नौकरी के इंतजार में बैठे हजारों लोग उन्हें नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस मांग को लेकर नौ मार्च को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन भी करेंगी।

केंद्र ने मांगा प्रस्ताव, प्राइमरी स्कूलों में शुरू होंगी नर्सरी की कक्षाएं

: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश के सभी राज्यों के प्राइमरी स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में हिमाचल के सभी प्राइमरी स्कूलों में नए सैशन से प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू हो सकती हैं। इसको लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी प्रदेश को प्रस्ताव भेजने को कहा है। इसके अलावा अभी तक प्रदेश के कितने स्कूलों में उक्त कक्षाएं चल रही हैं, वहां कितनी इनरोलमैंट है, स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं का ब्यौरा भी केंद्र ने प्रदेश से मांगा है। ऐसे में शिक्षा विभाग भी इस प्रस्ताव को बनाने में जुट गया है। विभाग ने जिलों से संबंधित ब्यौरा मांग लिया है। इसके बाद अब मामले में जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजा जाएगा। बता दें कि प्रदेश में 10641 प्राइमरी स्कूल हैं, इनमें से 840 स्कूलों में इससमय प्री-नर्सरी कक्षाएं चल रही हैं। पूर्व में इन स्कूलों को प्री-नर्सरी कक्षा के लिए आवश्यक बजट जारी किया गया था।इन स्कू लों में बच्चों की इनरोलमैंट साल दर साल बढ़ी है। कोरोना काल के दौरान भी बच्चे प्री-नर्सरी में ऑनलाइन इनरोल हुए हैं। इनकी पढ़ाई भी ऑनलाइन करवाई जा रही है।
840 स्कूलों में 45000 से अधिक है बच्चों की इनरोलमैंट प्रदेश के 840 स्कूलों में प्री- नर्सरी कक्षा में 45000 से अधिक बच्चे इनरोलमैंट हैं। इस दौरान प्रदेश में यह योजना सफल रही है। मौजूदा समय में जिन स्कूलों में प्री- नर्सरी कक्षा में अधिक बच्चे हैं, उन स्कूलों की विस्तृत जानकारी केंद्र ने प्रदेशसे मांगी है। बता दें कि प्रदेश में तीन वर्ष पूर्व प्री-नर्सरी कक्षा शुरू की गई थी। इस दौरान विभाग ने शिक्षकों को प्री-नर्सरी में अधिक से अधिक बच्चों की इनरोलमैंट करवाने के लक्ष्य दिए थे, जिसे शिक्षकों ने पूरा भी किया।गौरतलब है कि अभी इन कक्षाओं को जे.बी.टी. ही पढ़ा रहे हैं। सरकार ने इनके लिए अलग से शिक्षकों की भर्ती नहीं की है।

एन.टी.टी. को बिना शर्त मिले नौकरी

एन.टी.टी. को बिना शर्त मिले नौकरी: 
प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ जोगिंद्रनगर का एक शिष्टमंडल वीरवार को संघ की प्रधान शिवानी सूद की अध्यक्षता में एस.डी.एम. अमित मेहरा से मिला तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजे ज्ञापन में प्री- प्राइमरी कक्षा को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं को नियुक्त करने की मांग की। शिवानी सूद, आशिमा मंडयाल, रिचा मेहता, विमला देवी, सुनीता देवी, संजीवन लता तथा रश्मि किरण ने कहा कि पूर्व सरकार ने वर्ष 1996 में नर्सरी अध्यापिकाओं को प्राथमिक पाठशालाओं में नियुक्त किया था परंतु उसके बाद आज तक पूरे प्रदेश में कोई भी नियुक्ति नर्सरी अध्यापिकाओं की नहीं की गई। 

उन्होंने मांग की कि नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बैचवाइज की जाए, वहीं इस दौरान संघ ने आयु सीमा में छूट देने का आग्रह भीसरकार से किया है।


 उन्होंने कहाकि प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बिना किसी शर्त के की जाए तथा नर्सरी अध्यापक की योग्यता जमा दो व नर्सरी का विशेष प्रमाण पत्र रखा जाए, वहीं उच्च शिक्षा प्राप्त प्रार्थी को शिक्षा योग्यता के अनुसार प्राथमिकता दी जाए तथा प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की जाए।
संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि सरकार एन.टी.टी. यूनियन के पदाधिकारियों को जल्द वार्ता के लिए बुलाए ताकि डिप्लोमा होल्डरों के भविष्य के बारे में नीतिगत निर्णय लिया जा सके।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री प्राईमरी शिक्षक पदनाम और 18000 मासिक वेतन दे सरकार

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री- प्राइमरी टीचर और सहायिका को प्री-प्राइमरी एसिस्टेंट टीचर का पदनाम दिया जाए। इसी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मासिक 18 हजार और सहायिका को 9000 रुपये का भुगतान किया जाए।

 यह मांग आंगनबाड़ी वर्कर- हेल्पर यूनियन प्रोजेक्ट इंदौरा की अध्यक्ष अजय कुमारी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने उठाई है। इसी कड़ी में यूनियन ने सोमवार को डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति के माध्यम से प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर को पांच सूत्री मांग पत्र भेजा।


 यूनियन अध्यक्ष अजय कुमारी ने कहा कि मांग पत्र में सीएम जयराम ठाकुर से मांग की गई है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालय की मान्यता देते हुए इनमें कार्यरत एवं मिनी कार्यकर्ता को प्री- प्राइमरी टीचर और सहायिका को प्री-प्राइमरी असिस्टेंट टीचर का सम्मानजनक पदनाम दिया जाए। 


 सभी आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए व उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी जाए तथा आंगनबाड़ी में कार्यरत कर्मियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन सेविका को 18000 रुपये तथा सहायिका को 9000 रुपये मासिक दिया जाए। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं भी उपस्थित रही।


प्री प्राईमरी शिक्षकों के पदों पर दे नियुक्ति, नहीं तो आंगनबाड़ी केंद्र बंद: आंगनबाड़ी यूनियन


आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन (सीटू) की राज्य कमेटी ने सोमवार को महिला और बाल विकास निदेशालय हिमलैंड शिमला के बाहर तीन घंटे प्रदर्शन कर प्री-प्राइमरी स्कूलों में उन्हें नियुक्त करने की मांग रखी। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम की अगुवाई में यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना देवी ने विभाग के उपनिदेशक राकेश भारद्वाज को मांगपत्र सौंपा। 


यूनियन ने केंद्र और प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्करों को प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी न किए तो आंगनबाड़ी कर्मी नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखा जाएगा। यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना देवी ने कहा कि छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले 45 वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। 


प्री-प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने की घोषणा प्रदेश सरकार बजट सत्र में ही करे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की है। कहा यह न केवल छात्र विरोधी है लेकिन आइसीडीएस विरोधी भी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2021 के आइसीडीएस बजट में की गई 30 प्रतिशत की कटौती को आंगनबाड़ी कर्मियों के रोजगार के साथ अन्याय बताया।

आंगनबाड़ी वर्कर को नियुक्त करें प्री प्राईमरी शिक्षक, नहीं तो होगा आंदोलन

 


आंगनबाड़ी वर्कर्ज को प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त किया जाए। यदि सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्ज को प्री-प्रामरी स्कूल में नियुक्तनहीं कियातो सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हैल्पर्ज यूनियन द्वारा 8 फरवरी को निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल से नगर परिषद के चेयरमैन जितेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हिमाचल सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कल्याण संघ सुंदर नगर इकाई का प्रतिनिधिमंडल मिला और और उन्हें प्री-नर्सरी अध्यापिका के पद पर नियुक्त करने की मांग उठाई।

 प्रतिनिधिमंडल मेंब्लॉक अध्यक्ष गीता शर्मा, सुरेंद्रा देवी, दुर्गा देवी, वदेवेंद्रा देवी नीतू, मीना, कमला, रामदेई, मीरा, सुनीता, रंजना, बीनाऔर कुसमा देवी शामिल थीं। उन्होंने विधायक से कहा कि प्रदेश में शुरू होने वाली प्री-नर्सरी कक्षाओं के शिक्षक के पद पर पहला अधिकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को मिलना चाहिए। 


उन्होंने कहा कि अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग भर्ती एवं पदोन्नति नियम बना रहा है, उससे हमारा कोई विरोध नहीं है और न ही किसी के खिलाफ मांग कररहे हैं। 19,000 आंगनबाड़ी केंद्रों से 38,000 परिवारों की रोजी-रोटी सीधे जुड़ी हुई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि नर्सरी अध्यापकों के लिए बन रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभव पर उन्हें नियुक्ति में वरीयता दी जाए। 


 विधायक राकेश जम्वाल ने भी शीघ्र ही सरकार की तरफसे उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्कर्ज को प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त नहीं किया गया, आई.सी.डी.एस. का निजीकरण करने की कोशिश की गई और आंगनबाड़ी वर्कर्ज को नियमित कर्मचारी घोषित नहीं किया गया तो आंदोलन तेज होगा। 
3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती Latest Update

उन्होंने केवल आंगनबाड़ी कर्मियों कोहीप्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की है, क्योंकि 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। उन्होंने चेताया हैकि अगर आंगनबाड़ी कर्मियों के सिवाय किसी अन्य को प्री-प्राइमरी शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई तो इसके खिलाफ आंदोलन होगा।

10000 स्कूलों में प्री प्राईमरी पढाई, और 10000 प्री प्राईमरी शिक्षकों की भर्ती करेगी हिमाचल सरकार!


हिमाचल के सरकारी स्कूलों के लिए एक और बड़ी खबर आई है। प्रदेश के 10000 सरकारी स्कूलों में अगले सत्र से प्री नर्सरी की पढ़ाई शुरू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने इसको लेकर प्रोपोजल तैयार किया है और राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। अगर केंद्र व राज्य सरकार से सभी स्कूलों में प्री नर्सरी शुरू करने की अनुमति मिल जाती है, तो ऐसे में हजारों बेरोजगार युवाओं को भी इससे राहत मिलेगी। प्री नर्सरी के लिए अलग से शिक्षकों की तैनाती होगी। 

इसके साथ ही करीब दस हजार एनटीटी टीचरों की भर्ती भी विभाग करेगा। दरअसल, न्यू एजुकेशन पॉलिसी में तीन साल तक के बच्चों को शिक्षा देने की बात कही गई है। समग्र शिक्षा विभाग की ओर से प्लानिंग की गई है कि सभी सरकारी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले छोटे बच्चों के लिए इन्फ्रास्ट्रकर वखेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने के लिए सामग्री एकत्रित की जाएगी।


 मौजूदा समय में विभाग की ओर से 10 फरवरी का समय सभी जिला उपनिदेशकों को दिया गया ह। इस अवधि के अंदर सभी जिला उपनिदेशकों को विभाग को डिटेल भेजनी होगी कि उनकेस्कूल में प्री नर्सरी के लिए कितनी सुविधाएं हैं और उनके आसपास के क्षेत्रों में कितने छोटे बच्चे प्री नर्सरी में दाखिला ले सकते हैं। 


HP JBT Recruitment 2021 




इस तरह की तमाम जानकारी 10 फरवरी तक विभाग को भेजनी होगी। फिलहाल समग्र शिक्षा विभाग ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। सभी स्कूलों में प्री नर्सरी शुरू करने की तैयारी है। गौर हो कि तीन साल पहले प्री नर्सरी की कक्षाएं हिमाचल में शुरू की गई थीं। अभी हिमाचल के सरकारी स्कूलों में करीब 30 हजार छात्र प्री नर्सरी में पढ़ाई कर रहे हैं। अभी तीन हजार से ज्यादा स्कूलों में प्री नर्सरी की कक्षाएं चल रही हैं। सरकारी स्कूलों में छात्रों की इनरोलमेंट में इजाफा भी प्री नर्सरी की वजह से ही हो पाया है। 


ऐसे में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अब सभी स्कूलों में तीन साल से छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मुहैया करवाई जाएगी। गौर हो कि सभी सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी शुरू करने की प्रक्रिया को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है, लेकिन कैसे इन छात्रों को पढ़ाने की शिक्षकों की भर्ती करनी है, इस पर गाइडलाइन अभी तक नहीं बन पाई है। शिक्षा विभाग की ओर से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग को एनटीटी शिक्षकों की भर्ती को लेकर गाइडलाइन बनाने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं। जब विभाग की ओर से गाइडलाइन पूरी तरह से तैयार हो जाएगी, तो उसके बाद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती: शिक्षक बनने को राह आसान

 

लंबे समय से बेरोजगारी झेल रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अब प्री-प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अलग से भर्ती की जाएगी। इसके लिए सरकार के आदेशों पर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

खास बात यह है कि नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) डिप्लोमा करने वाले भी अब स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले पाएंगे। 




शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम (आर एंड पी रूल्स) बनाने का काम शुरू कर दिया है।

 इसमें डीएलएड यानि डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन के साथ एनटीटी और ईसीसीई को भी मौका देने की बात की जा रही है। शिक्षा विभाग ने जिला प्रारंभिक उपनिदेशक कार्यालय से ऐसे डिप्लोमा धारकों का रिकार्ड तलब किया गया है।


 आचार संहिता हटते ही हिमाचल में नौकरियों की बहार  पढें 

BIG BREAKING: स्टाफ नर्स की बैचवाईज भर्ती, जाने पूरी डिटेल 


बिजली बोर्ड व शिक्षा विभाग में 3000 पदों पर भर्ती



 रोजगार कार्यालयों से यह रिकार्ड लेकर समग्र शिक्षा निदेशालय (एसएसए) भेजने के निर्देश दिए हैं। तीन दिसंबर को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। समग्र शिक्षा अभियान ने इसको लेकर जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिया है। 3840 स्कूलों में अभी नर्सरी और केजी की प्री-प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। इस साल भले ही प्री प्राइमरी की कक्षाएं नहीं लग पाई, बावजूद इसके 28 हजार बच्चों के ऑनलाइन दाखिला लिया है।

Read more about  3840 प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती


एनटीटी वालों को मिलेगी प्री प्राईमरी शिक्षक की नौकरी

नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) डिप्लोमा करने वालों को स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाने का काम शुरू कर दिया है।


 इसमें डीएलएड यानी डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन के साथ एनटीटी और ईसीसीई को भी मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग से ऐसे डिप्लोमा धारकों का बैठक में इसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। समग्र शिक्षा अभियान ने इसको लेकर सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिया है । 



 हिमाचल के 3840 स्कूलों में अभी नर्सरी और केजी की प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। इस साल भले ही प्री प्राइमरी की कक्षाएं नहीं लग पाई, बावजूद इसके 28 हजार बच्चों ने ऑनलाइन दाखिला लिया है।


 रिकॉर्ड तलब किया है। रोजगार कार्यालयों से रिकॉर्ड लेकर समग्र शिक्षा निदेशालय (एसएसए) को भेजने के निर्देश दिए हैं। तीन दिसंबर को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर बैठक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा में इसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। समग्र शिक्षा अभियान ने इसको लेकर सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिया है। हिमाचल के 3840 स्कूलों में अभी नर्सरी और केजी की प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। इस साल भले ही प्री प्राइमरी की कक्षाएं नहीं लग पाई, बावजूद इसके 28 हजार बच्चों ने ऑनलाइन दाखिला लिया है।

शिक्षा मंत्री से मांग, प्री नर्सरी में आंगनवाड़ी को दें मौका

 

प्रदेश आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, कार्यकर्ता एवं सहायिका कल्याण संघ का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांता कंवर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर से मिला। 
संघ ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि प्री-नर्सरी अध्यापिका नियुक्त करने में आंगनबाड़ी वर्करों को भी मौका दिया जाए।

HP TGT RECRUITMENT 2020-21





 शिक्षा विभाग शीघ्र ही प्री-नर्सरी सभी स्कूलों में चलाने जा रहा है, जिसमें 3 वर्ष का बच्चा दाखिला ले पाएगा। वर्तमान में 3 वर्ष का बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र में प्री स्कूलिंग की शिक्षा ग्रहण कर रहा है।

 प्री-नर्सरी अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग भर्ती एवं पदोन्नति नियम बना रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि वर्तमान में 3 वर्ष से 5 वर्ष की प्री स्कूलिंग आंगनवाड़ी केंद्रों में हो रही है। अगर 3 साल का बच्चा सरकारी स्कूलों में जाएगा तो फिर आंगनबाड़ी पर बंद होने का खतरा मंडराने लगेगा।

 वर्तमान में 38 हजार से अधिक परिवार की रोजी रोटी सीधे आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ी हुई है। अतः लगभग 19 हजार अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सरकार की सेवाओं और स्कीमों का संचालन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है।

 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग द्वारा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। संघ ने मांग की गई कि नसरी अध्यापकों के लिए बन रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभव को देखते हुए उन्हें नियुक्ति में वरीयता दी जाए, ताकि उनके इस अनुभव का फायदा विभाग और सरकार को मिल सके। 


प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल व शिक्षा के डिप्लोमे को भी नर्सरी अध्यापिका के लिए बन रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियम में शामिल किया जाए, ताकि कार्यकर्ताओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।


 शिक्षा मंत्री से मांग की गई कि वर्तमान में नर्सरी अध्यापक की नियुक्ति के लिए बन रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मन में उपजी शंका और असुरक्षा के भाव को शीघ्र दूर किया जाए और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शीघ्र उचित कदम उठाए जाएं। संघ कार्यकारिणी में मशोबरा ब्लॉक प्रधान ललिता और ब्लॉक सचिव उषा उपस्थित रही।

Daily update

PUNJAB ONLINE NEWS AND JOBS