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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला , 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की परीक्षाएं स्थगित

 

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला , 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित

 

कोरोना के बीच परीक्षाओं को लेकर बने असमंजस पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने बुधवार को बड़ा फैसला किया है। बोर्ड की तरफ से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बोर्ड ने यह फैसला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं को रद्द करने की बात पर भारत सरकार की तरफ से हुई बैठक से आए फैसले के बाद किया है। 


बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CBSE की तरफ से 4 मई से शरुआत निर्धारित की गई 10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया गया, वहीं 12वीं की परीक्षाओं को लेकर 1 जून को समीक्षा बैठक में चर्चा के बाद फैस्ला लिया जाएगा। साथ ही कहा गया है कि विद्यार्थियों को 15 दिन पहले नोटिफाई कर दिया जाएगा। 


उधर इसके तुरंत बाद PSEB ने भी 10वीं, 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं अगले आदेश तक टालने का आदेश दिया है। इस संबंध में बोर्ड की तरफ से चिट्ठी जारी कर दी गई है। दूसरी ओर इस मसले पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला ने संकेत दिए हैं कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड भी CBSE की तरह ही काम कर सकता है।

ईसीएचएस पालमपुर में विभिन्न पदों पर भर्ती

 

हिमालय वन अनुसंधान में क्लर्क की भर्ती

 

हिमाचल शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स , मेडिकल व नान मेडिकल के पदों पर भर्ती, जाने पूरी जानकारी

 

प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (नॉन-मैडिकल), (मैडिकल) तथा (कला) की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप अपंग अभ्यार्थियों (दृष्टि बाधित (Visually Impaired) के लिये आरक्षित पदों के बैकलॉग तथा जुलाई, 2017 के बाद बचे हुए आरक्षित पदों को बैच के आधार तथा मैरिट के आधार पर अध्यापक पात्रता परीक्षा में उतीर्ण हुए अभ्यार्थियों में से अनुबन्ध आधार पर भर्ती हेतु काउंसलिंग 3 मई को होगी। 

 प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने सूचित किया है है कि प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक कला, भान-मैडिकल तथा मैडिकल के अपंग अभ्यार्थियों (दृष्टि बाधित (Visually Impaired) के लिये आरक्षित प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (नॉन-मैडिकल), (मैडिकल) तथा (कला) के पदों को बैच के आधार पर तथा मैरिट के आधार पर हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर से या हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से अध्यापक पात्रता परीक्षा में उतीर्ण हुए अभ्यार्थियों में से अनुबन्ध आधार पर भरने जाएंगे।

 पदों का विवरण निम्न प्रकार से है:- कुल पद :36 टीजीटी आर्टस : 20 टीजीटी नान मेडिकल :10 टीजीटी मेडिकल : 6 


उपरोक्तत पदों हेतु पात्र अभ्यार्थी अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों तथा अन्य दस्तावेजों (स्व अनुप्रमाणित) सहित उप शिक्षा निदेशालय शिमला (चौड़ा मैदान) जिला शिमला निकट हिमाचल प्रदेश विधान सभा के कार्यालय में दिनांक 03.05.2021 को प्रातः 10:30 बजे निर्धारित की गई काउंसलिंग में भाग ले सकता है। 

शैक्षिक प्रमाण पत्रों तथा अन्य वांछित दस्तावेजों सम्बधि ब्यौरा शिक्षा विभाग की विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। जो अभ्यार्थी 01.04.2021 को हुई काउंसलिंग में भाग ले चुके हैं उन्हें काउंसलिंग में भाग लेने की आवश्यकता नहीं है।

 इन पदों को अनुबन्ध आधार पर स्थिर वेतन रु 13900(मूल वेतन रू0-10300+3600 ग्रेड वेतन व ग्रेड वेतन का 150% के  अनुसार भरा जाएगा,
 प्रार्थी की आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए, प्रार्थी को ऊपरी आयु में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

SCHOOL LECTURER (NEW) HINDI RESULT DECLARED SEE HERE

 

Himachal Pradesh Public Service Commission has today declared the result of Written Objective Type Examination held on 23.08.2020 for recruitment to the posts of Lecturer (School-New) Hindi, Class-III (Non-Gazetted) in the Department of Higher Education, H.P. These posts were advertised vide Advertisement No. 22/2019 dated 10.12.2019. The candidates bearing following Roll Numbers have been declared qualified for evaluation of 15 marks subject to their eligibility to be checked / confirmed on the day(s) of evaluation:

बहुराष्ट्रीय कंपनी में 457 पदों पर भर्ती, साक्षात्कार के माध्यम से

 


बहुराष्ट्रीय कंपनी एचएमपीए लिमिटेड सैकड़ों बेरोजगार लोगों का रोजगार देगी। कंपनी में विभिन्न श्रेणियों के 457 पद भरने के लिए 16 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक ग्राम पंचायत हार, तहसील जवाली, जिला कांगड़ा में साक्षात्कार होंगे। 


इसमें उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कोरोना काल में बेरोजगार हुए हैं। 


यहां जारी बयान में कंपनी के प्रबंध निदेशक अविनाश शर्मा ने बताया कि ट्रेनी इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स में बहुतकनीकी अथवा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से डिप्लोमा होल्डर के 80, जनरल हेल्पर के 92, कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल के 40, वर्टिकल मशीन कंट्रोल के 20, सिविल प्लेसमेंट ऑफिसर के 122, सिक्योरिटी गार्ड के 67, एक्स सर्विसमैन सिक्योरिटी सुपरवाइजर के 36 पद नियमित आधार पर भरे जाने हैं।

बेरोजगार रोकेंगे नकल ।। प्रिंसीपल लगाएंगे बोर्ड परीक्षा में डयूटी।।

 

कोविड काल के बीच मंगलवार से बोर्ड छात्रों की परीक्षाएं होने जा रही हैं। परीक्षाएं शुरू होने से पहले उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार अगर किसी स्कूल में बहुत संख्या में शिक्षक कोरोना पॉजिटिव आ जाते हैं, तो प्रिंसीपल नजदीकी हाई व सेकेंडरी स्कूल से शिक्षकों को बुला सकते हैं। 



इसके अलावा विभाग ने प्रिंसीपल को यह भी - अधिकृत किया है कि अगर परीक्षा केंद्रो में शिक्षकों की कमी फिर भी रह जाती है, तो ऐसे में नजदीकी स्कूल के क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार युवाओं की ड्यूटी भी लगा सकते हैं। यानी कि शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि ऐसे बेरोजगार युवा, जिन्होंने एमए, एमफील या दूसरी डिग्रियां हासिल की है उन्हें  ड्यूटी के  लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए उन्हें प्रतिदिन 200 से 400 रुपए तक की राशि भी दी जाएगी। 




उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक अमरजीत शर्मा की ओर से ये आदेश सभी जिला उपनिदेशकों व स्कूल प्रिंसीपल को जारी कर दिए की हैं, तो उन्हें भी नकल रोकने के गए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि बोर्ड की परीक्षाओं में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा लापरवाही भी कोई नहीं होनी चाहिए, ताकि कोविड के मामलों को आगे फैलने से बचाया जा सके। बता दें कि शिक्षा विभाग ने बेरोजगार युवाओं की परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी लगाने का फैसला कोविड की वजह से लिया 1 है। शिक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि कोविड के सिमटम आने पर शिक्षक स्कूल में उपस्थित न हो। 

सरकारी स्कूल के पूर्व छात्र ने लोहे के दात्तर से किया हमला, कंपेन कर रही गणित अध्यापिका गंभीर घायल


गांव पंजगराइयां में सरकारी स्कूल के पूर्व एक छात्र ने लोहे से दात्तर से हमला करके स्कूल की गणित अध्यापिका को गंभीर से घायल कर दिया। उक्त 24 साल के पूर्व छात्र ने इस घटना को सोमवार को तब अंजाम दिया जब शिक्षा विभाग की तरफ से अध्यापिका गांव के घर- घर जाकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए प्रेरित कर रही थी। अध्यापिका के सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से पहले उसे बटाला के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया मगर डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अमृतसर रेफर कर दिया है। उक्त हमलावार युवक करीब 6 साल पहले इसी स्कूल में पढ़ता था और उस समय उक्त अध्यापिका स्कूल में नियुक्त नही थी। फिलहान महिला अध्यापिका पर युवक द्वारा किए गए हमले के कारण के बारे में पता नहीं चल सका। इस संबंध में जानकारी देते हुए स्कूल मुखी मनप्रीत सिंह ने बताया कि सोमवार को शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों के तहत वह गांव में घर-घर पहुंच कर बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवाने की कंपेन कर रहे थे। इसी दौरान गणित अध्यापिका संतोष कुमारी (52) निवासी बटाला अपने एक अन्य रंजीत कौर एसएस विषय की अध्यापिका है, दाखले के लिए कंपेन कर रही थी तो इसी दौरान एक युवक जो स्कूल का पूर्व छात्रा था,हाथ में लोहे का दातर लेकर पहुंचा और संतोष कुमारी पर हमला कर दिया और उसके सिर में चोटें लगा दी। यह देखकर सतोष की साथी अध्यापिका वहां से भाग गई। लहूलुहान अवस्था में महिला अध्यापिका को बटाला में पहुंचा गया मगर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अमृतसर रेफर कर दिया गया है।

550 टीजीटी को आज मिल सकता है प्रमोशन का तोहफा

 

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर सोमवार को अधिसूचना जारी हो सकती है। स्कूलों के करीब 550 शिक्षकों को पदोन्नत किया जाना है। इसमें ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर से स्कूल प्रवक्ता न्यू के पद पर शिक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी।


 इस बारे में शिक्षा मंत्री को बीते दो दिन पूर्व यह फाइल भेजी गई थी, जिसे 12 अप्रैल यानी सोमवार को मंजूरी मिल सकती है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की पदोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी। इस दौरान कई विषय हिंदी, अंग्रेजी सहित कई विषयों में शिक्षक पदोन्नत किए जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
पिछले काफी समय से पदोन्नति का यह मामला लटका हुआ है। दो सप्ताह पूर्व उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर प्रारंभिक शिक्षा विभाग से कुछ क्लैरिफिकेशन मांगी थी। इसमें एसीआर से लेकर अन्य तरह की औपचारिकताओं को पूरा करने को कहा था। विभाग ने इन औपचारिकताओं को पूरा कर दिया है।

उच्च शिक्षा नौकरी के लिए अवगुण नहीं : सुप्रीम कोर्ट

 

 सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि उच्च शिक्षा या योग्यता को नौकरी पाने के शीर्ष अदालत ने लिए अवगुण या दोष नहीं माना जा सकता। 

शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए बीई-बीटेक डिग्रीधारियों को राज्य बिजली बोर्ड में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पदों पर नौकरी के लिए आवेदन करने की इजाजत दे दी है। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की पीठ ने पाया कि नियुक्तियों में बड़ी हिस्सेदारी सीधी भर्तियों की होती है। 


वहीं, प्रमोशन से भरे जाने वाले उच्च पद यानी सहायक अभियंता के लिए सीधी भर्तियां 36 फीसदी तक
 ही होती हैं। बाकी 64 फीसदी में विभिन्न उप कोटा फीडर कैडर के लिए निर्धारित किए गए हैं और इनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी जूनियर इंजीनियरों की होती है। पीठ ने अपने आदेश में कहा, यह दिखाता है कि इस नियम को बनाने का मकसद डिग्रीधारकों को जूनियर इंजीनियर के पद पर विचार करने से दूर रखना नहीं है।

राज्य सरकार की दलील मानी : पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल अभिनव मुखर्जी की इस दलील को स्वीकार कर  लिया कि बोर्ड को जूनियर इंजीनियर पद के लिए न केवल डिप्लोमाधारकों को बल्कि डिग्रीधारकों को भी नियुक्त पाने का अधिकार है।

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