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पहली से आठवीं तक आनलाइन परीक्षाएं, डेटशीट जारी

 

  • दिनांक        कक्षा    विषय
  • 1 अक्टूबर    1-8वीं    हिंदी
  • 3 अक्‍टूबर    1-8वीं    गणित
  • 5 अक्‍ब्‍ूबर      1-8वीं    अंग्रेजी
  • 6 अक्टूबर    1-8वीं    ईवीएस, विज्ञान
  • 7 अक्टूबर    6-8वीं    सोशल साइंस
  • 8 अक्टूबर    6-8वीं    संस्कृत
  • 9 अक्टूबर    6-8वीं    कला
  • 10 अक्टूबर    6-8वीं    हिमाचल लोक संस्कृति

जिला मंडी में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती, 23 बने जेबीटी

DDEE MONDI TODAY issued appointment letter to JBTS

कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 1661 पदों पर भर्ती । आनलाइन लिंक एक्टिव,

 


आनलाइन अप्लाई करने के लिए यहाँ क्लिक करें

हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा एसएमसी केस में विरोधाभासी अप्रोच क्यों?

 

जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन : 50 फीसदी अंक - टैट जरूरी

 



अगर शिक्षक अस्थायी तो वह कर्तव्यों को कैसे निभाएंगे : सुप्रीम कोर्ट

 

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2020 में स्थगित परीक्षाएं अक्तूबर में दसवीं और बारहवीं कक्षा की पूरक परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2020 में स्थगित परीक्षाएं अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से  दसवीं और बारहवीं कक्षा की पूरक परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। 

 सूचना के अनुसार, राज्य में कोविड -19 महामारी के प्रकोप के कारण, पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही मार्च 2020 की वार्षिक परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। जैसे ही स्थिति में सुधार होता है, दसवीं कक्षा के ओपन स्कूल सिस्टम, प्रदर्शन में सुधार और अतिरिक्त विषय श्रेणियों के उम्मीदवार, जिनके परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए हैं, वे  परीक्षाएं 26 अक्टूबर, 2020 से 12 नवंबर, 2020 तक करवाई जाएंगी ।



 शिक्षा बोर्ड द्वारा नामित परीक्षा केंद्रों पर 26 अक्टूबर 2020 से 17 नवंबर 2020 तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। 

CET 2020 (D.EI.Ed CET2020) FINAL RESULT ANNOUNCED

 


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स्नातक में 50 फीसदी अंकों के साथ टेट पास जेबीटी ही बनेंगे टीजीटी, याचिकाएं खारिज

 जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति पाने के लिए संबंधित जेबीटी अध्यापक का स्नातक परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास होना जरूरी है।


 प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी अध्यापकों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसके तहत स्नातक परीक्षा में 50 फीसदी अंकों की अनिवार्यता वाले नियम में छूट देने की गुहार लगाई गई थी।


न्यायाधीश ने प्रार्थियों की याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि यदि सरकार अपने क्षेत्राधिकार में रहते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए उत्कृष्ट अध्यापक उपलब्ध करवाने के लिए कोई शर्त रखती है तो उस शर्त को मनमाना नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पदोन्नति पाना कर्मचारी का निहित अधिकार नहीं है बल्कि उसका अधिकार केवल पदोन्नति के लिए उस समय कंसीडर किए जाने का है जब पदोन्नतियां की जा रही हों। 



कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पदोन्नति नियम उस समय के लागू होते हैं, जिस समय विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी द्वारा किसी प्रत्याशी की योग्यता देखी जानी हो। रिक्तियों के खाली होने के समय के नियम पदोन्नति के लिए लागू नहीं किए जाते।



क्या है मामला?

शिक्षा विभाग ने 22 अक्तूबर 2009 को टीजीटी भर्ती के लिए नियम लागू किए थे, जिनके तहत 5 वर्ष की नियमित जेबीटी सेवाएं देने वाले अध्यापक को पात्र बनाया गया। योग्यता के तहत प्रत्याशी के पास बीए, बीएड डिग्री होना जरूरी बनाया गया। जेबीटी अध्यापकों को पदोन्नति के लिए 15 फीसदी कोटा भी निर्धारित किया गया। 31 मई 2012 को इन नियमों में परिवर्तन कर शर्त लगाई गई कि प्रत्याशी स्नातक में कम से कम 50 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण और टेट पास होना चाहिए। प्रार्थियों का कहना था कि वे स्नातक तो हैं लेकिन 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण नहीं हैं। इसी कारण वे टेट पास भी नहीं हैं। प्रार्थियों का कहना था कि वर्ष 2012 से पहले उनके कोटे के तहत जो रिक्तियां हुई थीं, उन्हें पुराने नियमों के तहत ही भरा जाना चाहिए। कोर्ट ने प्रार्थियों की दलीलों से असहमति जताते हुए उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया।





सरकारी मंडियों के बाद अब सरकारी स्कूलों को भी ठेके पर देने की तैयारी

 

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प्रदेश के एसएमसी शिक्षकों की एस एल पी सुप्रीमकोर्ट में मंजूर

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एसएमसी शिक्षक मामला: हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई । सरकार ने दोनों तरफ की पैरवी।  


प्रदेश के एसएमसी शिक्षकों की एस एल पी सुप्रीमकोर्ट में मंजूर


एसएमसी शिक्षक मामला: हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई । सरकार ने दोनों तरफ की पैरवी।

एसएमसी शिक्षकों द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली एसएलपी की याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 8 अक्टूबर के लिए टल गई है । सुनवाई के दौरान हिमाचल सरकार के द्वारा बताया गया कि वह भी हाईकोर्ट के फैसले को एसएलपी के माध्यम से चुनौती देना चाहती है ।  सरकार के इस वक्तव्य से सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला 8 अक्टूबर को कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश दिए हैं । Also Read   

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प्रदेश के एसएमसी शिक्षकों की एस एल पी सुप्रीमकोर्ट में मंजूर


उधर दूसरी तरफ हाई कोर्ट में भी इसी मामले को लेकर सरकार के आवेदन पर सुनवाई हुई। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले पर अमल करने के लिए अधिकतम 1 वर्ष का समय मांगा। 
सरकार का कहना है कि एसएमसी शिक्षक दुर्गम क्षेत्रों में करोना काल में निर्धारित सेवाएं दे रहे हैं इसलिए मौजूदा करोना संकट को देखते हुए इनकी सेवाएं जरूरी हैं। 

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी गुरुवार को सुनवाई हो रही है। इस कारण कोर्ट ने सरकार के आवेदन पर सुनवाई शुक्रवार के लिए टाल दी शुक्रवार को फिर से हाई कोर्ट में सरकार के आवेदन पर सुनवाई होगी। 

एसएमसी शिक्षकों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, मिली तारीख,

 SMC  एसएमसी शिक्षकों  द्वारा  सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है ।जिसकी  सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज हुई। आज एसएमसी शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली ; 

अब अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी।p;

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TGT BATCHWISE RECRUITMENT : जिला सोलन में टीजीटी भर्ती का कांउंसलिंग शेड्यूल जारी





उत्तर प्रदेश में एक लाख शिक्षकों की भर्ती, नियुक्ति सबंधित आदेश जारी




 

जेबीटी के 1225 पदों पर भर्ती, सरकार लेगी कानूनी राय

 

हिमाचल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती हो रही हैं इसको लेकर सरकार सरकारी स्कूलों में जेबीटी के 1225  पदों पर भर्ती के लिए कानूनी राय लेगी । 

क्या है विवाद का कारण ? 

एनसीटीई ने B.ed को भी जेबीटी भर्ती के लिए पात्र माना है ।प्रदेश के आरएंडपी नियमों के तहत जेबीटी करने वालों को भर्ती में शामिल किया जाता है। ऐसे में अब इस भर्ती को लेकर दुविधा में फंसी सरकार इस बाबत कानूनी राय लेने जा रही है।




 जेबीटी के 467 पदों को भरने के लिए  जेबीटी के  वर्तमान  भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार  हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेज दी गई है और 758 पदों को बैचवाईज  भरने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं । 

स्कूलों को खोलने को लेकर शिक्षा विभाग की क्लैरिफिकेशन

 


जिला कुल्लू में टीजीटी की भर्ती, 25 तक मांगे आवेदन

शिक्षा निदेशक कुल्लू के तहत पूर्व सैनिकों के आश्रितों के आरक्षित पदों को बैचवाइज भरने की प्रकिया शुरू हो गई है। टीजीटी आ‌र्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पदों पर अब पूर्व सैनिकों की विवाहित लडकियां भी आवेदन कर सकेंगी। 

TGT RECRUITMENT जिला कांगड़ा आफिसियल नोटिफिकेशन

 


 

 


 

 

 


 

भाषा अध्यापकों की बैचवाईज भर्ती शुरू, काउंसलिंग व बैचवाईज का विवरण जाने

 भाषा अध्यापकों की बैच वाइज भर्ती शुरू 

प्रारंभिक शिक्षा विभाग उपनिदेशक जिला सोलन द्वारा भाषा अध्यापकों के 12 पदों पर भेज भाई भर्ती की जा रही है जिसके लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची जिला सोलन के विभिन्न रोजगार कार्यालय से प्राप्त की गई । सभी उम्मीदवारों को कॉल लेटर भेजे जा चुके हैं।। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, जिला सोलन ने बताया कि यदि किसी पात्र उम्मीदवार का नाम रोजगार कार्यालय में से छूट गया हो तो वे उम्मीदवार भी नजदीकी रोजगार कार्यालय से 15 अक्टूबर 2000 तक अपना नाम इस कार्यालय को भिजवा सकते हैं।



बैच वाइज भर्ती हेतु मांगेंगे बैच इस प्रकार है :सामान्य श्रेणी के 2004 तक, अनुसूचित जाति बीपीएल 2004, तक अन्य पिछड़ा वर्ग 2015 तक आर्थिक कमजोर वर्ग के 2007 तक के उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए बुलाया गया है।

 


शिक्षा उपनिदेशक ने बताया कि जो उम्मीदवार द्वार काउंसलिंग में भाग लेंगे उनको निम्नलिखित प्रमाण पत्रों के साथ कार्यालय में हाजिर होना होगा:  

 आवश्यक योग्यता प्रमाण पत्र 10th, + 2 BA. M.A B.Ed शिक्षक  योग्यता परीक्षा प्रमाण पत्र,   जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, 

रोजगार कार्यालय का पंजीकरण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र जो कि राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो। 

काउंसलिंग कब और कहां होगी? 

काउंसलिंग उप निदेशक जिला सोलन के कार्यालय में दिनांक 19 अक्टूबर से लेकर 24 अक्टूबर तक होगी। 

बेरोजगारी तीन पदों के लिए 323 ने किया आवेदन

 


सिफारिशें मंजूर, होंगी शिक्षकों की भर्तीयां

सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा

 





हिमाचल में प्राईमरी व मिडल स्कूल भी खुले, नोटिफिकेशन जारी

रूसा का रोड़ा खत्म, इक्विलेंस कमेटी की सिफारिशें लागू । जेबीटी, टीजीटी व भाषा अध्यापकों के 3636 पदों पर भर्ती जल्द

राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी अब खत्म होगी। शिक्षक भर्ती को लेकर उपजा विवाद खत्म हो गया है  राज्य सरकार ने  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा गठित  कमेटी की सिफारिशों को मान लिया है  ।विश्वविद्यालय द्वारा गठित इक्विलेंस कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मंजूरी दे दी है। 
सरकार की मंजूरी के बिना पिछले 8 महीनों से 3636 शिक्षकों की भर्ती रुकी हुई थी। 
सरकार की मंजूरी मिलते ही विभाग में पिछले आठ महीनों से रूकी 3636 पदों पर जल्द भर्ती होगी। इनमें टीजीटी आर्टस के 684, टीजीटी नॉन मेडिकल 359, 

टीजीटी मेडिकल के 261, शास्त्री के 1049, भाषा अध्यापकों के 590 और जेबीटी के 693 के करीब पद है। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।


क्या था विवाद


राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत वर्ष 2013 से 16 के बीच जिन विद्यार्थियों ने रूसा के तहत डिग्री की है, उन्हें कर्मचारी चयन आयोग हमीपुर ने अपात्र माना था। सब्जेक्ट कंबिनेशन सही न होने के कारण आयोग ने दो अभ्यार्थियों को साक्षात्कार में बाहर कर दिया था। दोनों ने आयोग के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार ने विवाद सुलझाने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इक्विलेंस कमेटी का गठन किया। कमेटी ने पिछले महीने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। निदेशक ने कमेटी की रिपोर्ट सचिव को भेजी थी। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट में कहा है यदि विद्यार्थियों ने किसी संकाय के दो विषय पढ़े हैं तो वे भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे। बशर्ते 12वीं कक्षा में भी उस विषय में पढ़ाई की हो। 

पंजाब कैबिनेट का फैसला स्कूलों में भर्ती किये जाएंगे 8393 प्री प्राईमरी शिक्षक

 The Punjab Cabinet has approved filling up of 8393 posts of Pre-Primary Teachers in a move which Chief Minister Captain Amarinder Singh said would make the pre-primary government schools more competitive with private institutions and increase enrolment.

Relaxation in age and special credit would be given to existing experienced volunteers working in the Education Department at the time of recruitment of the pre-primary teachers, it was further decided by the Cabinet, which also gave the go ahead to the departmental service rules for Pre-Primary School Teachers.

Though the total requirement of pre-primary teachers stands at 12000, the fiscal situation prevented the Finance Department from approving full recruitment, said the Chief Minister, chairing the virtual Cabinet meet on Wednesday.




 All efforts would be made to complete the remaining recruitment at the earliest, said Captain Amarinder, stressing on the importance of strengthening the pre-primary teaching systems in government schools.

According to a spokesperson of the Chief Minister’s Office, 8393 posts of Pre-Primary school teachers would be filled up, calculated with a norm of one teacher for every 30 students as actual enrolment of students at present. The School Education Department would ensure the completion of rationalization before advertising the posts of these teachers.

The Cabinet also accorded approval to the proposal of the department to relax the upper age limit up for volunteers, such as Sikhiya Providers/Education Providers/Education Volunteers, EGS Volunteers, AIE Volunteers and Special Training Resource (STR) Volunteers, working under various educational schemes/programmes on fixed remuneration and having gained extensive experience, at the time of recruitment of regular ETT teachers or Pre-Primary Teachers as and when advertised by the Department. 


Further, special credit may be given in the selection process to such volunteers @ 1 mark per year with maximum of 10 marks.The annual financial implications involved in the first three years, till these 8393 teachers are under probation would be Rs.103.73 crores, whereas the annual financial implications would be Rs.374.20 crore after they complete the probation. Notably, under the Right of Children to Free and Compulsory Education Act 2009 (RTE), every child in the age group of 6-14 years has a right of free and compulsory education in a neighbourhood school till the completion of elementary education. Though education for Pre-Primary school children in the age group of 3-6 years is not mandatory under the RTE Act, however, the same has been included in the Article 45 of the Constitution (Directive Principles), providing for early child care and education for all children until they complete the age of 6 years.Enrolment of children in Government Schools has been decreasing year by year, except the last two years i.e. 2019-20 and 2020-21. One of the reasons for decreasing enrolment in Government Schools was that the parents tend to send their wards at an early age i.e. less than six years to schools, whereas as per RTE Act and as per Government Policy earlier, children below the age of 6 years were not admitted in Government Schools. 

Realizing that there was need for integrated early childhood care and education, the Cabinet, in its meeting chaired by Chief Minister Captain Amarinder Singh on September 20, 2017, had approved Pre-Primary classes to provide education to the children in the age group of 3 to 6 years in all Government Primary Schools, and the same was operationalised since November 14, 2017 in all the Primary Schools of the state.

एसएमसी शिक्षकों के मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी कल, राज्य सरकार दूसरी बार पहुंची हाईकोर्ट

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है वीरवार को सर्वोच्च न्यायालय में इसकी सुनवाई होगी ।

एसएमसी शिक्षक संघ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है ।वीरवार को इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी । 

इधर हिमाचल सरकार दूसरी बार कोर्ट पहुंच गई है । सरकार कोर्ट में  तर्क देगी कि जब तक विभाग में स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक s.m.c. शिक्षकों की भर्ती को बहाल किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित  न हो ।



इससे पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियों  को अवैध बताया था। हिमाचल सरकार ने इससे पहले भी माननीय उच्च न्यायालय में इसको लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था । 

1661 पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने जारी की आफिसीयल नोटिफिकेशन

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने 1661 पदों के लिए ऑफिशियल अधिसूचना जारी कर दी है ऑनलाइन आवेदन 26 सितंबर से किए जा सकेंगे
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