- दिनांक कक्षा विषय
- 1 अक्टूबर 1-8वीं हिंदी
- 3 अक्टूबर 1-8वीं गणित
- 5 अक्ब्ूबर 1-8वीं अंग्रेजी
- 6 अक्टूबर 1-8वीं ईवीएस, विज्ञान
- 7 अक्टूबर 6-8वीं सोशल साइंस
- 8 अक्टूबर 6-8वीं संस्कृत
- 9 अक्टूबर 6-8वीं कला
- 10 अक्टूबर 6-8वीं हिमाचल लोक संस्कृति
HP GOVT JOB । PB GOVT JOB । HP TGT BATCH WISE RECRUITMENT HP LT BTACHWISE RECRUITMENT HP JBT BATCH WISE RECRUITMENT HP ANAGANWADI BHARTI HP GRAM ROJGAR SEWAK BHARTI HP POLICE RECRUITMENT
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2020 में स्थगित परीक्षाएं अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से दसवीं और बारहवीं कक्षा की पूरक परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है।
सूचना के अनुसार, राज्य में कोविड -19 महामारी के प्रकोप के कारण, पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही मार्च 2020 की वार्षिक परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। जैसे ही स्थिति में सुधार होता है, दसवीं कक्षा के ओपन स्कूल सिस्टम, प्रदर्शन में सुधार और अतिरिक्त विषय श्रेणियों के उम्मीदवार, जिनके परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए हैं, वे परीक्षाएं 26 अक्टूबर, 2020 से 12 नवंबर, 2020 तक करवाई जाएंगी ।
शिक्षा बोर्ड द्वारा नामित परीक्षा केंद्रों पर 26 अक्टूबर 2020 से 17 नवंबर 2020 तक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति पाने के लिए संबंधित जेबीटी अध्यापक का स्नातक परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास होना जरूरी है।
प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी अध्यापकों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसके तहत स्नातक परीक्षा में 50 फीसदी अंकों की अनिवार्यता वाले नियम में छूट देने की गुहार लगाई गई थी।
न्यायाधीश ने प्रार्थियों की याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि यदि सरकार अपने क्षेत्राधिकार में रहते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए उत्कृष्ट अध्यापक उपलब्ध करवाने के लिए कोई शर्त रखती है तो उस शर्त को मनमाना नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पदोन्नति पाना कर्मचारी का निहित अधिकार नहीं है बल्कि उसका अधिकार केवल पदोन्नति के लिए उस समय कंसीडर किए जाने का है जब पदोन्नतियां की जा रही हों।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पदोन्नति नियम उस समय के लागू होते हैं, जिस समय विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी द्वारा किसी प्रत्याशी की योग्यता देखी जानी हो। रिक्तियों के खाली होने के समय के नियम पदोन्नति के लिए लागू नहीं किए जाते।
क्या है मामला?
शिक्षा विभाग ने 22 अक्तूबर 2009 को टीजीटी भर्ती के लिए नियम लागू किए थे, जिनके तहत 5 वर्ष की नियमित जेबीटी सेवाएं देने वाले अध्यापक को पात्र बनाया गया। योग्यता के तहत प्रत्याशी के पास बीए, बीएड डिग्री होना जरूरी बनाया गया। जेबीटी अध्यापकों को पदोन्नति के लिए 15 फीसदी कोटा भी निर्धारित किया गया। 31 मई 2012 को इन नियमों में परिवर्तन कर शर्त लगाई गई कि प्रत्याशी स्नातक में कम से कम 50 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण और टेट पास होना चाहिए। प्रार्थियों का कहना था कि वे स्नातक तो हैं लेकिन 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण नहीं हैं। इसी कारण वे टेट पास भी नहीं हैं। प्रार्थियों का कहना था कि वर्ष 2012 से पहले उनके कोटे के तहत जो रिक्तियां हुई थीं, उन्हें पुराने नियमों के तहत ही भरा जाना चाहिए। कोर्ट ने प्रार्थियों की दलीलों से असहमति जताते हुए उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया।


SMC एसएमसी शिक्षकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है ।जिसकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज हुई। आज एसएमसी शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली ;
अब अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी।p;
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हिमाचल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती हो रही हैं इसको लेकर सरकार सरकारी स्कूलों में जेबीटी के 1225 पदों पर भर्ती के लिए कानूनी राय लेगी ।
क्या है विवाद का कारण ?
एनसीटीई ने B.ed को भी जेबीटी भर्ती के लिए पात्र माना है ।प्रदेश के आरएंडपी नियमों के तहत जेबीटी करने वालों को भर्ती में शामिल किया जाता है। ऐसे में अब इस भर्ती को लेकर दुविधा में फंसी सरकार इस बाबत कानूनी राय लेने जा रही है।
जेबीटी के 467 पदों को भरने के लिए जेबीटी के वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेज दी गई है और 758 पदों को बैचवाईज भरने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं ।
शिक्षा निदेशक कुल्लू के तहत पूर्व सैनिकों के आश्रितों के आरक्षित पदों को बैचवाइज भरने की प्रकिया शुरू हो गई है। टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पदों पर अब पूर्व सैनिकों की विवाहित लडकियां भी आवेदन कर सकेंगी।
भाषा अध्यापकों की बैच वाइज भर्ती शुरू
प्रारंभिक शिक्षा विभाग उपनिदेशक जिला सोलन द्वारा भाषा अध्यापकों के 12 पदों पर भेज भाई भर्ती की जा रही है जिसके लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची जिला सोलन के विभिन्न रोजगार कार्यालय से प्राप्त की गई । सभी उम्मीदवारों को कॉल लेटर भेजे जा चुके हैं।। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, जिला सोलन ने बताया कि यदि किसी पात्र उम्मीदवार का नाम रोजगार कार्यालय में से छूट गया हो तो वे उम्मीदवार भी नजदीकी रोजगार कार्यालय से 15 अक्टूबर 2000 तक अपना नाम इस कार्यालय को भिजवा सकते हैं।
बैच वाइज भर्ती हेतु मांगेंगे बैच इस प्रकार है :सामान्य श्रेणी के 2004 तक, अनुसूचित जाति बीपीएल 2004, तक अन्य पिछड़ा वर्ग 2015 तक आर्थिक कमजोर वर्ग के 2007 तक के उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए बुलाया गया है।
शिक्षा उपनिदेशक ने बताया कि जो उम्मीदवार द्वार काउंसलिंग में भाग लेंगे उनको निम्नलिखित प्रमाण पत्रों के साथ कार्यालय में हाजिर होना होगा:
आवश्यक योग्यता प्रमाण पत्र 10th, + 2 BA. M.A B.Ed शिक्षक योग्यता परीक्षा प्रमाण पत्र, जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो,
रोजगार कार्यालय का पंजीकरण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र जो कि राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
काउंसलिंग कब और कहां होगी?
काउंसलिंग उप निदेशक जिला सोलन के कार्यालय में दिनांक 19 अक्टूबर से लेकर 24 अक्टूबर तक होगी।
टीजीटी मेडिकल के 261, शास्त्री के 1049, भाषा अध्यापकों के 590 और जेबीटी के 693 के करीब पद है। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
क्या था विवाद
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत वर्ष 2013 से 16 के बीच जिन विद्यार्थियों ने रूसा के तहत डिग्री की है, उन्हें कर्मचारी चयन आयोग हमीपुर ने अपात्र माना था। सब्जेक्ट कंबिनेशन सही न होने के कारण आयोग ने दो अभ्यार्थियों को साक्षात्कार में बाहर कर दिया था। दोनों ने आयोग के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार ने विवाद सुलझाने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इक्विलेंस कमेटी का गठन किया। कमेटी ने पिछले महीने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। निदेशक ने कमेटी की रिपोर्ट सचिव को भेजी थी। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट में कहा है यदि विद्यार्थियों ने किसी संकाय के दो विषय पढ़े हैं तो वे भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे। बशर्ते 12वीं कक्षा में भी उस विषय में पढ़ाई की हो।
The Punjab Cabinet has approved filling up of 8393 posts of Pre-Primary Teachers in a move which Chief Minister Captain Amarinder Singh said would make the pre-primary government schools more competitive with private institutions and increase enrolment.
Relaxation in age and special credit would be given to existing experienced volunteers working in the Education Department at the time of recruitment of the pre-primary teachers, it was further decided by the Cabinet, which also gave the go ahead to the departmental service rules for Pre-Primary School Teachers.
Though the total requirement of pre-primary teachers stands at 12000, the fiscal situation prevented the Finance Department from approving full recruitment, said the Chief Minister, chairing the virtual Cabinet meet on Wednesday.

