UPDATED POSTS

🔄 Recently Updated Posts

Breaking news:हिमाचल से बीजेपी के सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत

हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी के

सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत

हो गई है, हालांकि खुदकुशी की आशंका जताई जा

रही है. घटना सांसद के दिल्ली स्थित निवास स्थल

की है, जो कि दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के

नजदीक था. खुदकुशी के कारणों का फिलहाल

पता नहीं चला है, पुलिस जांच में जुटी है.



सूत्रों के मुताबिक, 62 वर्षीय सांसद ने फांसी

लगाकर आत्महत्या की है. वह काफी दिनों से

बीमार चल रहे थे. जानकारी मिली है कि सांसद

रोजाना सुबह 6 या 6.30 बजे जाग जाते थे,

लेकिन आज जब 6.30 बजे तक नही जगे तो

उनके पीए ने कंट्रोल रूम को फोन किया.

जानकारी है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने ही

दरवाजा तोड़ा, तो वो कुर्सी के जरिए पंखे से लटके

मिले. उनके घर से काफी दवाएं मिली हैं.

लाहौल-स्पीति के स्कूलों में छुट्टियों के कैलेंडर में होगा बदलाव

 

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के स्कूलों में छुट्टियों के कैलेंडर में बदलाव होगा। लाहौल-स्पीति एरिया से डिमांड आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिला के उप निदेशकों से सुझाव मांगे थे। अब सुझाव आने के बाद यह मामला प्रदेश सरकार को भेजा गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार से इसके लिए मंजूरी मिल जाएगी।


 यदि ऐसा होता है तो इन एरिया में नए सत्र से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। लाहौल-स्पीति जिले के शिक्षकों का तर्क है कि सर्दियों में यहां पर काफी ठंड पड़ती है। अन्य जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में सर्दियों में छुट्टियां पड़ती हैं, जबकि लाहौल-स्पीति में गर्मियों में छुट्टियां होती हैं। 

कठिन भौगोलिक हालात को देखते हुए लाहौल-स्पीति में भी शैक्षणिक सत्र 2021-22 से ग्रीष्मकालीन अवकाश की जगह शीतकालीन अवकाश देने की मांग की गई थी। इस मांग को तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मार्कडेय के। समक्ष रखा था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षक संगठनों की राय लेने के बाद इसका प्रस्ताव तैयार किया और अब इसे प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है।

जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के चार हजार पद भरे जाएंगे


इस साल जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के चार हजार पद भरे जाएंगे। सरकार ने 30 हजार पद भरने का ऐलान किया है, जिसमें जल शक्ति विभाग में चार हजार पद भरने की घोषणा जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने की है। उन्होंने कहा कि विभाग में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों को पैरा फिटर व पैरा पंप आपरेटर्ज के पदों पर लगाने की मंजूरी कैबिनेट से ली जा चुकी है। अभी भी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जो एग्रीमेंट किया गया है, उसमें वह छह घंटे ही काम करेंगे। 


सदनन में सिंचाई, जलापूर्ति एवं सफाई पर विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव के जवाब में जल शक्ति मंत्री ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के लिए 90:10 के अनुपात में योजनाओं की स्वीकृति बहाल की है, जिसे पूर्व सरकार के समय में बंद कर दिया गया था। विपक्ष के सवालों पर मंत्री ने कहा कि सदन में एक ऐसी जमात है, जो दूसरों के कपड़े फाड़ती है, मगर वह ऐसा नहीं करेंगे।


 पूर्व सरकार ने ग्रामीण पेयजल के लिए 345 करोड़ रखे थे, जबकि उनकी सरकार ने 764 करोड़ इसके लिए दिए। सीवरेज योजनाओं के लिए कांग्रेस ने 41.19 करोड़ दिए, तो वर्तमान में 202 करोड़ दिए गए, वहीं माइनर इरिगेशन के लिए 210 करोड़ कांग्रेस सरकार में दिए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने 315 करोड़ का बजट तीन साल में दिया है। विदेशी प्रोजेक्टों की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स के तहत 13 टेंडर कर दिए गए हैं, जिसमें नाहन, जुब्बल, देहरा, नगरोटा, इन्दौरा, नूरपुर, थुरल, ज्वाली, द्रंग व बल्ह के लिए 330 करोड़ के टेंडर हुए हैं। एडीबी से 187 स्कीमों को मंजूरी मिली जो केवल धर्मपुर या सराज के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए हैं। एएफडी में मनाली की सीवरेज योजना के अलावा करसोग, पालमपुर, बिलासपुर, नाहन की योजनाओं को मंजूरी मिली है। जल जीवन मिशन पर महेंद्र सिंह ने दो टूक कहा कि यह प्रोजेक्ट एक साल के लिए नहीं है, बल्कि पांच साल का प्रोजेक्ट है। इसमें किसी गड़बड़ का सवाल ही पैदा नहीं होता। 


कोरोनाा से ज्यादा घातक हो सकता है जल संकट; 
  सदन में महेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले समय में संभावित सूखे की स्थिति कोरोना से ज्यादा घातक हो सकती है। उनका कहना था कि बारिश नहीं हुई, तो आने वाले समय में परेशानी हो जाएगी, क्योंकि ब्यास नदी भी अब तो सूखने लगी है। सत्तापक्ष के बहुमत से कटौती प्रस्ताव गिर गया।

अयोग्य करार देने पर भी कर दी शिक्षकों की भर्ती

 

प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय में जांच के बाद अयोग्य पाए गए कुलपति को हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन प्रदेश के तीन निजी विश्वविद्यालय ने इन आदेशों की अनदेखी का आयोग के हुए फिर से अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर दी है। शिक्षण नियामक आयोग ने जांच के बाद अयोग्य कुलपति पर सख्त कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब दोबारा यूजीसी के आदेशों को दरकिनार किया गया है। 


आयोग को जानकारी मिली है कि प्रोफेसर, असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्ति नियमित करने के बजाय अनुबंध और अस्थायी रूप से की है। तीन से छह महीने तक इन्हें नियुक्ति दी गई। इन्हें यूजीसी नियमों के अनुसार वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। तीन विश्वविद्यालयों में शिक्षक अयोग्य हैं।

 कई शिक्षक पीएचडी, नेट. क्वालीफाई नहीं तो कुछ को पढ़ाने का अनुभव नहीं है। आयोग द्वारा विश्वविद्यालयों में फैकल्टी की जांच के लिए गठित कमेटी की में इसका खुलासा हुआ है। सोमवार को जांच के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक में यह सामने आया है। इसमें विश्वविद्यालयों से आए रिकॉर्ड को खंगाला गया।


 आयोग ने 16 निजी विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक निजी विश्वविद्यालयों ने जो रिकॉर्ड भेजा है वह फॉरमेट के अनुसार नहीं है। प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए निजी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी की जांच चल रही है। जांच कमेटी की पहली बैठक में सामने आया है कि 15 फीसदी शिक्षक अयोग्य हैं। रिकॉर्ड आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

NAVODAYA VIDYALAYA ADMISSION TEST SCHEDULED ON 16TH MAY 2021

 


POST CODE ,747 STAFF NURSE भर्ती का फाइनल नतीजा घोषित, देखें यहां

 

Himachal Pradesh Staff Selection Commission today declared the final result for the recruitment of 349 posts (Gen (UR)-115, Gen (EWS)-37, Gen (WEF)-03, Gen (WXSM)-32, OBC(UR)- 46, OBC (BPL)-11, OBC (WEF)-02, OBC (WXSM)-06, SC(UR)-55, SC(BPL)-11, SC(WFF)- 02, SC(WXSM)-11, ST(UR)-12, ST(BPL)-04 & ST(WXSM)-02) of Staff Nurse (on contract basis) Post Code: 747, in response to requisitions received from the Director Health Services HP, Shimla-9& the Director Medical Education & Research, HP Shimla and advertised vide advertisement No. 35-3/2019 dated 28.12.2019. In response to this advertisement, 21020 applications were received out of which 19436 applications were provisiomally admitted for written objective type screening test. The Written Objective Type Screening Test was held on 04.10.2020 in which 15558 candidates appeared and 3878 candidates remained absent. Based on the merit of Written Objective Screening Test held on 04.10.2020, 1078 candidates were called for evaluation process on government notified parameters which was conducted w.et 28.12.20 to 31.12.20, 04.01.21 to 08.01.21 and 11.01.21. The Commission has compiled the final result of 347 posts of Staff Nurse (on contract busis) Post Code: 747. The candidates bearing the following Roll Numbers have been declared successful

Teachers and students motivating people for enrollment in government schools through skits

  

Teachers and students motivating people for enrollment in government schools through skits

 

Chandigarh 15 March (Pramod Bharti)

The Punjab School Education Department is motivating the people for enrollment in government schools through skits and effective use of social media is to spread this message through out the state.



Disclosing this here today a spokesperson of the school education department said that the skits of three to five minutes were being prepared by the teachers and students.These skits provide information about the teaching standards of government schools, state-of-the-art technology being used for education in smart schools and beautiful buildings of schools. These skits are specially promoting the rising standard of English in government schools. These video clips, which are being made to motivate people to enroll their children in government schools, are being disseminated to the public through social media. According to the spokesperson, these videos are making an enormous impact on the people and their positive results are coming to light. He hoped that the enrollment during the current academic session would be higher than last year.

At the same time, teachers are going door-to-door to inspire people to enroll their kids in government schools. The Department of School Education has already constituted 'Enrollment Booster Teams' to increase enrollment in government schools for the 2021-22 session. During the last session 2020-21, the department had also launched 'Each One, Bring One' campaign. This resulted in a record 15 per cent increase in admissions in government schools from pre-primary to class XII.



--------------

बिडंबना :37 स्कूल बंद , सैंकड़ों बंद होने की कगार पर

जिला लाहौल-स्पीति के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। लोगसरकारी स्कूलों के बजाय बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। डेढ़ दशक में लाहौल घाटी के 37 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में ताला लग गया है। 

अभी भी घाटी के कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं जो दो से तीन विद्यार्थियों के सहारे चल रहे हैं। ऐसे में समस्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भी कम नहीं है। विभाग को स्कूलों में अध्यापकों को समायोजित करने में परेशानी हो रही है। 


स्कूलों में कहीं दो विद्यार्थियों के लिए 3 तो कहीं एक विद्यार्थी के लिए 2 अध्यापक तैनात हैं। हालांकि, घाटी के करीब 40 फीसदी लोगकुल्लू-मनाली में ही अपने बचों की पढ़ाई करवाने के लिए वहीं रह रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में बच्चो की संख्या में लगातार कमी चिंता का विषय बन गई है। केलांग खंड-1 में 34 प्राथमिक पाठशालाओं में 146, खंड-2 के 31 स्कूलों में 124, उदयपुर खंड में 47 पाठशालाओं में 402 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्तमान में 112 प्राथमिक विद्यालयों में 672 विद्यार्थी ही पढ़ाई कर रहे हैं।


 यानी, एक शिक्षक के जिम्मे 3 विद्यार्थी आरहे हैं। घाटी में तीन स्कूल ही ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से ज्यादा है। सरकार ने अन्य जिलों में नियम बना रखे हैं कि जहां 20 से कम विद्यार्थी हैं, उन स्कूलों को बंद करने के बारे में सोचा जा सकता है। 

शारीरिक शिक्षक के पदों पर भर्ती, आर्डर जारी

इसी साल लागू होगा छठा वेतन आयोग

 

हिमाचल के कर्मचारियों के लिए इसी वर्ष छठा वेतन आयोग लागू करने पर विचार किया जाएगा। संशोधित वेतनमान को लेकर प्रदेश के कर्मचारियों का मामला पंजाब के साथ जुड़ा हुआ है। पंजाब सरकार ने इसे इस वर्ष पहली जुलाई से लागू करने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार पंजाब पे-कमीशन से नए वेतनमान की रिपोर्ट आने पर इस पर अध्ययन करने के बाद स्टेट रिसोर्सेज के मद्देनजर प्रदेश के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान लागू करने पर विचार करेगी। यह खुलासा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फतेहपुर रेस्ट हाउस में रविवार सुबह पत्रकारों से मुखातिब होते हुए किया। 

उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ होते हैं, जो सरकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में अहम रोल अदा करते हैं। ऐसे में सरकार उनकी जायज मांगों बारे हमेशा प्रतिबद्ध है। सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि तीन साल का भाजपा सरकार का कार्यकाल कोविड संकट के बावजूद बेहतर रहा है।

 सभी विधानसभा क्षेत्रों में. इसी साल लागू... विकास की गति को समान रूप से अंजाम दिया गया। विधानसभा, लोकसभा व पंचायत, बीडीसी तथा जिला परिषद चुनावों में इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिला है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पैरामीटर ऐसे होते हैं कि लोग सरकार के काम को देखकर ही अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। 


उन्होंने कहा कि जनमंच हमारी सरकार की एक अलग योजना है। 1100 नंबर पर हमने सीएम हेल्पलाइन शुरू की, जबकि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन न तो उन्होंने इस बारे में कभी सोचा, न ही इस पर कोई अमल किया। उनकी सरकार द्वारा गृहिणी योजना व प्रधानमंत्री की उज्ज्वला योजना के तहत दो लाख 92 हजार मुफ्त गैस कनेक्शन घर-द्वार पर उपलब्ध करवाए। 


पूरे देश में हिमाचल एक ऐसा राज्य है, जिसने हर घर को गैस का चूल्हा घर-द्वार पर उपलब्ध करवाया है। उन्होंने कहा कि ऊना में उनकी सरकार एक बल्क ड्रग फार्मा खोलने के लिए प्रयासरत है, जिसकी अनुमानित राशि दस हजार करोड़ है और इसका प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, जबकि गरीबों के लिए मौजूदा वर्ष में 12 हजार मकान देने का निर्णय लिया है। महिलाओं के लिए भी 65 वर्ष की आयु के बाद पेंशन का प्रावधान किया गया है।

प्री प्राईमरी स्कूलों में तैनात हों प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाएं


प्रदेश सरकार नई शिक्षा ला रही है, जिसमें हर सरकारी स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। इसके लिए बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बैचवाइज की जाए। यह अनुरोध बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ जिला कांगड़ा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किया है। 


इन अध्यापिकाओं का कहना है कि उन्होंने एक साल का नर्सरी अध्यापिका का कोर्स किया है और दो साल का डीएलएड कोर्स भी किया है, जिस कारण उन्हें बच्चों को पढ़ाने का अनुभव है। 


बेरोजगारर प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ की प्रधान रेणु शर्मा व महासचिव नैना शर्मा ने कहा कि ये नर्सरी अध्यापिकाएं 15-20 वर्षों से निजी स्कूलों में बतौर अध्यापिका कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र 3000 रुपए तक वेतन मिल रहा है। 
Read All update about 

यही नहीं, कोरोना काल में सरकार की गलत नीतियों के चलते उन समेत हजारों शिक्षक वेतन से वंचित रह गए हैं। यहां तक कि पूरा साल ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाते रहे, ताकि उन्हें स्कूल से न निकालें। इसी के चलते बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें प्री-प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति दी जाए।

तीन साल मांग पत्र, सुनवाई शून्य,16 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे बेरोजगार

हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार कला अध्यापक रोजगार की तलाश में हैं। सरकार की तरफ देख रहे इन बेरोजगारों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की ठान ली है। 16 मार्च को यह लोग शिमला में प्रदर्शन करेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे। 



सभी बेरोजगार कला अध्यापक सरकार द्वारा सन 2005 से 2009 तक एससीवीटी के माध्यम से कला का प्रशिक्षण लेकर अपने हक के लिए सरकार से बार- बार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी पद कला अध्यापक का नहीं भरा। 


संघ ने अरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसा कोई भी मंत्री, यहां तक कि प्रधानमंत्री तक से उन्होंने अपनी मांग उठाई है, लेकिन अभी तक रोजगार की दृष्टि से कोई कदम नहीं उठाया गया। इन सभी को पिछले तीन साल से मांग पत्र देते चले आए हैं, पर सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी। 


बेरोजगार कला अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भारद्वाज का कहना है कि अब हम झूठे दिलासों को सुन-सुन कर परेशान हो चुके हैं, जिसके उपरांत बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने निर्णय लिया है कि सरकार के खिलाफ 16 मार्च को एक जन आक्रोश रैली की जाएगी। राज्य कार्यकारिणी ने समस्त जिला के बेरोजगार कला अध्यापकों से अनुरोध किया है कि वे 16 मार्च मंगलवार को शिमला पहुंचे और रैली में बढ़-चढ़कर कर हिसा लें और कई सालों से बैठे बेरोजगार अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएं।

चार कंपनियों में 500 पदों पर भर्ती, इंटरव्यू 15 मार्च को वेतन 1.69 लाख सालाना

 

आइटीआइ शाहपुर में 15 मार्च को प्रेरणा ग्रुप, गुड़गांव कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से चार विभिन्न कंपनियों में 500 पदों के लिए युवाओं का चयन करेगी। आइटीआइ के प्रधानाचार्य ई. तरुण कुमार ने बताया कि इस दिन उक्त ग्रुप के अधिकारी वपी गुजरात, हिम टेक्नो फोर्ज बद्दी, ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल लिमिटेड नालागढ़ और हिमपैक बद्दी के लिए अप्रैटशिप आधार पर वांछित योग्यता पूरी करने वाले युवाओं का चयन करेंगे। 

उन्होंने बताया कि वपी गुजरात कंपनी 200 पदों पर अप्रैटशिप आधार पर थ्री इयर्स डिप्लोमा इन इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं का चयन करेगी। इसके लिए 2018, 2019 व 2020 के पासआउट हुए युवा भाग ले सकते हैं। 


चयनित युवाओं को 1.69 लाख रुपये प्रति वर्ष वेतन मिलेगा। 


हिमम टेक्नोफोर्ज बद्दी 100 पदों पर अप्रैटशिप के आधार पर आइटीआइ से किसी भी ट्रेड में कोर्स पास युवाओं को नौकरी देगी।

 इंटरव्यू में 2018 ,2019 व 2020 में पास आउट और 2021 में अपने अंतिम एग्जाम में अपीयर होने वाले युवा भाग ले सकते हैं। चयनित युवाओं को कंपनी 9500 प्रतिमाह वजीफा देगी। 

इसी तरह ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल लिमिटेड , नालागढ़ भी अप्रैटशिप आधार पर 100 पद भरेगी। आइटीआइ में किसी भी ट्रेड में कोर्स पास युवा भाग ले सकते हैं।

Daily update

PUNJAB ONLINE NEWS AND JOBS