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देवभूमि में मुर्दे ने किया काम पगार भी ली!

 मंडी की एक पंचायत में गोलमाल की शिकायत, विकास कार्याें में धांधली का आरटीआई रिपोर्ट में हुआ खुलासा


क्षेत्र के व्यक्ति की वर्ष 2013 में मृत्यु हो जाती है, लेकिन अचानक वर्ष 2018 में वह मनरेगा के काम में जुट जाता है और बाकायदा 14 दिन की पगार भी लेता है। यह बात सुनकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए, लेकिन बल्ह क्षेत्र के एक शख्स द्वारा आरटीआई के माध्यम से जुटाई गई जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है। व्यक्ति का कहना है कि आरटीआई से जो जानकारियां उन्हें प्राप्त हुई हैं, उसमें एक पंचायत के विकास कार्यों में बरती गई अनियमितता व भ्रष्टाचार की कई बातें सामने आई हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह कि पंचायत में एक व्यक्ति, जिसकी मौत 2013 में हो गई थी, उसके नाम पर 2018 में मनरेगा में 14 तक दिहाड़ी लगाई गई। इतना ही नहीं, उसने बाकायदा इस काम की पगार भी ली।



 

 इसके अलावा पंचायत में कई लोगों के नाम पर पांच-पांच जॉब कार्ड बने हैं। मनरेगा कार्यों में एक व्यक्ति की एक ही समय में दो जगह अलग-अलग कार्यों में हाजरियां लगना हैरान करने वाला है। गांव की एक बावड़ी में 60 हजार रुपए खर्च केवल कागजों में ही हुआ, जबकि धरातल पर एक पत्थर तक नहीं लग पाया है। युवक मंडल भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से मिला 80 हजार रुपए कहां खर्च हुआ, इसका भी कोई अता-पता नहीं है। सरकारी सेवाओं में जुटी महिलाओं की भी मनरेगा में हाजरियां लगीं, जबकि उस समय वह कहीं और ड्यूटी दे रही थीं। करीब 1200 पेज की आरटीआई में भ्रष्टाचार की ऐसी बहुत सी जानकारियां हाथ लगी हैं। इस फर्जीबाड़े और भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यलय व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखित शिकायत पत्र भेजा गया है। इसमें भ्रष्टाचार के खुलासों को लेकर विजिलेंस जांच की मांग की गई है। वहीं, क्षेत्र के लोगों में इस बात की चर्चा है कि यदि जांच में यह बातें सच साबित होती हैं, तो सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में यह पंचायत शायद प्रदेश में भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी।


 हालांकि अभी यह जांच का विषय है कि पंचायत जनप्रतिनिधियों व संबंधित सरकारी कर्मचारियों ने मिलीभगत से इन कार्याें को अंजाम दिया है या नहीं। उधर, पंचायत प्रधान ने पंचायत कार्यों में बरती गई अनियमितत के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए उन्हें सिरे से खारिज किया है। हालांकि मृतक व्यक्ति की हाजिरी गलती से लगने की बात उन्होंने भी मानी है। उधर, बीडीओ बल्ह डी राय बिष्ट का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की शिकायत मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर उसे जांच का जिम्मा सौंप दिया है। उहोंने बताया कि जांच में जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

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