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जेबीटी,शास्त्री भाषा अध्यापकों के पदों पर बैचवाईज भर्ती की काउंसलिंग 17 मार्च को

 

जेबीटी,शास्त्री भाषा अध्यापकों के पदों पर बैचवाईज भर्ती की काउंसलिंग 17 मार्च को

जिला कॉगड़ा में अपंग उम्मीदवारों के वैच वाईज अनुबन्ध आधार पर भरे जाने वाले जेबीटी के 11पदों, भाषा अध्यापकों के 5 पदों एवं शास्त्री के 7 पदों की भर्ती के लिए, निदेशक, श्रम एवं रोजगार, विशेष रोजगार कार्यालय, हिमाचल प्रदेश शिमला से उम्मीदवारों के नाम प्राप्त हुये हैं, उक्त उम्मीदवारों की कॉउंसलिग दिनांक17/03/2021 को उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, कॉगडा स्थित धर्मशाला के कार्यालय में होगी । उम्मीदवारों को डाक द्धारा काँऊसलिग पत्र भेज दिये गये हैं । इसके अतिरिक्त कौंसलिग में भाग लेने वाले उम्मीदवारा द्वारा भरा जाने वाला बायोडाटा फार्म एवं उम्मीदवारों की सूची पूर्ण जानकारी सहित उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, कागड़ा स्थित, धर्मशाला के कार्यालय की बेवसाईट पर उपलब्ध है।

प्रमाण पत्रों की सूची:-

1. मैट्रिक मूल प्रमाण पत्र ।

2.10+2 मूल प्रमाण पत्र ।

3 टैट पास प्रमाण पत्र ।

4. सम्बन्धित व्यवसायिक प्रमाण पत्र ।

5. रोजगार कार्यालय पंजीकरण पत्र ।

6. हिमाचल का मूल प्रमाण पत्र ।

7. पिछडा क्षेत्र या पिछडी पंचायत सम्बन्धी प्रमाण पत्र, यदि हो तो।

8. एक हैक्टेयर से कम या भूमीहीन होने का प्रमाण पत्र, यदि लागू हो तो।

9. परिवार में सरकारी/अर्धसरकारी नौकरी में न होने से सम्बन्धित प्रमाण पत्र, यदि लागू हो तो।

10. 40 प्रतिशत से अधिक अपंगता प्रमाण पत्र ।

11 एन०एस०एस०, एनासी0सी0, भारत स्काउट एण्ड गाईड/नैशनल स्तर तक की खेलों का प्रमाण पत्र यदि हो ।

12 वी०पी०एल० परिवार से सम्बन्धित प्रमाण पत्र, यदि हो तो।

13. विधवा / तलाकशुदा/डैस्टीच्यूट/सिंगली बूमेन से सम्बन्धित प्रमाण पत्र, यदि लागू हो तो।

14, एकल पुत्री/अनाथ होने का प्रमाण पत्र, यदि लागू हो तो।

15.सरकारी/अर्धसरकारी विभागों में सम्बन्धित पद का कार्य अनुभव । से 5 वर्ष तक, यदि हो ।

16.चरित्र प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया हुआ ।

17. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग /आई0आरडी0मी0 सम्बन्धित प्रमाण पत्र ।

18. नवीनत्तम सत्यापित फोटो ।

19 आरक्षित वर्ग से सम्बन्धित विवाहित महिला उम्मीदवार का पैत्रिक एवं वर्तमान जाति प्रमाण पत्र

उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा,

काँगडा स्थित धर्मशाला।


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पहली अप्रैल से नयी शिक्षा पालिसी। स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती अलग से!

नए सत्र यानी की पहली अप्रैल से हिमाचल में न्यू एजुकेशन पॉलिसी के नियम लागू होना शुरू हो जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है की अप्रैल से अभी स्कूलों में प्री-नर्सरी शुरू हो सकती है। इसके साथ ही क्लास रूम में पढ़ाए जाने वाले नियम भी न्यू एजुकेशन पॉलिसी के ही होंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पॉलिसी को लेकर बदलावों के प्रस्ताव रखे जाएंगे। अहम यह है कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी में 11वीं कक्षा से कालेजों तक संकाय सिस्टम खत्म होगा। दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार होंगी। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा अगर न्यू एजुकेशन पॉलिसी लागू होती है, तो प्राइमरी स्कूलों के लिए अलग से शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी स्कूलों में कला अध्यापक व शारीरिक शिक्षकों के 1000 पद भरने का प्रोसेस शुरू

लंबे समय से कला व शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवाओं को उम्मीद जगी है। जानकारी मिली है कि सरकारी स्कूलों में कला अध्यापक व शारीरिक शिक्षकों के 1000 पद भरने का प्रोसेस शिक्षा विभाग ने शुरू किया है। 


विभागीय जानकारी के अनुसार, इसमें 500 पद शारीरिक शिक्षकों, जबकि 500 पद कला अध्यापकों के शामिल हैं। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा की ओर से बीते रोज इसका प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा है। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद इसेअंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा। 


पिछलेे चार सालों से शिक्षा विभाग में इन दोनों श्रेणियों का एक भी पद नहीं भरा गया है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों की इन श्रेणियों की भर्तियां हुई थीं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई के तहत 100 बच्चों व इससे अधिक संख्या वाले स्कूलों में ही इन पदों को भरने को लेकर गतिरोध चला हुआ था।


 विभाग का कहना है कि एक्ट में ऐसा कहीं पर भी नहीं लिखा गया है। पिछले साल शिक्षा विभाग ने कला व शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने के लिए सरकार ने वित्त विभाग से स्वीकृति मांगी थी। वित्त विभाग ने आरटीई के नियमों का तर्क देते हुए इस प्रस्ताव को वापस भेज दिया था। 


सीएंडवीी अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल इस मसले को लेकर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा शुभकर्ण सिंह से मिला था। इसके अलावा सचिव शिक्षा से भी मुलाकात की गई थी। शिक्षा विभाग ने दोबारा इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेज दिया है। संघ के अध्यक्ष चमन लाल ने कहा कि राज्य सरकार एक तरफ शिक्षा में गुणवत्ता की बात करती है। दूसरी तरफ स्कूलों में कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए इन पदों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करे।

Preparatory Leaves for all classes in Punjab Schools: Vijay Inder Singla

 Information and Public Relations Department, Chandigarh 


Preparatory Leaves for all classes in Punjab Schools: Vijay Inder Singla 


Chandigarh/Mohali, March 12:(Pramod Bharti)



The Department of School Education, Punjab, keeping in view the present surge in COVID-19, has declared preparatory leaves for all classes in government, government aided and private schools, said the School Education Minister, Vijay Inder Singla.


However, the teachers will continue to remain present in the schools. The students, who want to have any guidance from their teachers regarding exam preparation can come to school, added the Minister.

   The final examination in schools would be conducted offline while adhering to the COVID-19 guidelines strictly. The school have been directed that there should be no crowd in schools during examinations. The detailed directions for conducting examinations while ensuring compliance of COVID-19 guidelines would be issued by the SCERT. The schools, where students and teachers are  positive, would have to follow the guidelines issued by the health department. Moreover, the ditrections to follow the instructions issued from time to time by the centre as well as state government has also been issued, added the minister.

10 हजार प्राईमरी स्कूलों में एक कक्षा एक शिक्षक योजना पर काम शुरू

 


हिमाचल के 10 हजार प्राइमरी स्कूलों में एक कक्षा एक शिक्षक पर कार्य शुरू हो गया है। सरकार की पिछली बजट घोषणा को प्रारंभिक शिक्षा विभाग इस साल पूरा करने जा रहा है। पांच कक्षाओं के लिए एक व दो शिक्षको की परंपरा अब विभाग खत्म करने जा रहा है।

 बताया जा रहा है कि प्राइमरी सरकारी स्कूलों में मल्टीग्रेट टीचिंग अब नहीं होगी। शिक्षा विभाग पहले चरण में  स्वर्ण ज्ञान उदय सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बन रहा है। इन स्कूलों में एक कक्षा के लिए एक ही शिक्षक दिया जाएगा। यानी कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार के आदेशों के बाद ही विभाग मल्टीग्रेट टीचिंग परंपरा को खत्म करने जा रहा है। पहले चरण में स्वर्ण ज्ञान उदय सर्व विद्यालय का दर्जा प्राइमरी स्कूलों को ही दिया जाएगा। खास बात यह है कि जिन सौ स्कूलों को स्वर्ण ज्ञान उदय सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनाया जाएगा, वहां पर छात्रों को एक कक्षा के लिए एक शिक्षक तो मिलेगा हो, साथ ही ऐसे स्कूलों इंटरनेट सुविधा, खेल का मैदान और कम से कम पांच क्लासरूम भी होने चाहिए। इस योजना को पायलट योजना के तहत चलाने के लिए पहले चरण में सरकार क्लस्टर स्कूलों को ही चुना है। जहां ये विद्यालय बनेंगे, वहां पर छात्रों को संख्या भी 50 से ज्यादा होनी चाहिए। इससे कम छात्रों वाले स्कूलों को स्वर्ण ज्ञान उदय योजना के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। 


 प्रदेश के दस हजार प्राइमरी स्कूलों में से 700 स्कूलों में ही 60 से ज्यादा छात्रों की संख्या है, बाकि करीब 9300 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहाँ पर 50 या उससे कम छात्र पढ़ाई कर रहे है। इस नया से एमोलमेंट सरकारी स्कृतों में अभी भी प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले बहुत कम है। 


बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने स्वर्ण ज्ञान उदय सर्वश्रेष्ठ विद्यालय योजना को भी इसी मकसद से शुरु किया है, ताकि सरकारी स्कूल में छात्रों की एनरोलमेंट को बढ़ाया जा सके। दरअसल क्लस्टर स्कूलों में इस योजना को इसी मकसद से चलाया जा रहा है, ताकि दूसरे बच्चों को भी उन स्कूलों में दाखिले में प्रेरित किया जाए। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने दस हजार प्राइमरी स्कूलों में से से स्कूलों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में देखना अहम होगा कि किस ब्लॉक को कौन-सा स्कूल मिल पाता है।

POSTING OF TEACHERS IN DISADVANTAGEOUS AREA BILL, 2021 , READ HERE

 

लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती, जाने जिलावार पदों की गिनती

लाइब्रेरियन के 100 पदों पर होगी भर्ती

 

हजारों बेरोजगारों की निगाहें प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती पर||सरकार अभी तक आर एंड पी नियम तक नहीं बना पाई

 

तीन से पांच साल तक के बच्चों को सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ाएगा। अभी तक प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती पर सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी हुए प्री नर्सरी बच्चों के दाखिले का रिकार्ड देखें, तो है 31 जनवरी तक 3840 सरकारी स्कूलों में 28430 नन्हे मुन्नों ने दाखिले लिए हैं। प्री प्राइमरी दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या तीन से चार साल तक की है। 


हैरानी है कि अब 28,430 छोटे बच्चों को स्कूलों में शिक्षा की लौ कौन जगाएगा। अभी तक सरकार ने आर एंड पी रूल्ज़ ही तैयार नहीं किए हैं। उधर विधानसभा में भी है विधायक के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने लिखित में कहा कि अभी सरकार प्री नर्सरी शिक्षकों की भर्ती पर कार्य कर रही है। 

प्री प्राईमरी शिक्षक भर्ती 2021 पढ़ें हर अपडेट यहाँ



अब सवाल यह उठता है कि छोटे बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने के दावे कैसे सहीं होगे, जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे।

हिमाचल में सरकारी नौकरियों की अपडेट यहाँ देखें



 प्री नर्सरी छात्रों को अभी  जेबीटी शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं,  लेकिन जेबीटी शिक्षकों के पास पहले ही पहली से पांचवी तक की कक्षाएं होती हैं। ऐसे में जेबीटी शिक्षक उतना फोकस छोटे 'बच्चों पर नहीं कर पाएंगे। उधर, तीन साल तक के की बच्चों को खेल-खेल में कैसे की पढ़ाया जाना है, इसकी ट्रेनिंग एनटीटी शिक्षकों को दी जाती है। 

अब प्रदेश के हजारों बेराजगार युवाओं की निगाहें सरकार के प्री नर्सरी शिक्षकों के लिए तय किए जाने वाले आर एंड पी रूल्ज़ पर भी हैं। ऐसे में अहम रहेगा कि कब स्कूलों को प्री नर्सरी के अलग भी शिक्षक मिलते हैं।

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विधानसभा के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, प्री प्राईमरी शिक्षक के पदों पर दें नियुक्ति

 


आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने मांगों के समर्थन में पंचायत भवन शिमला से लेकर विधानसभा तक रैली निकाली। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेशभर से सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने भाग लिया। रैली के दौरान करीब दो घंटे तक शिमला शहर में भारी यातायात जाम लग गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई। सीटू के बैनर तले यह प्रदर्शन किया गया। 



 यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। अठारह हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की 37 हजार आंगनबाड़ी कर्मी हड़ताल पर रहीं। 


उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी नहीं किए तो आंदोलन तेज होगा। केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की। 

हिमाचल में प्री प्राईमरी शिक्षकों की भर्ती, अपडेट




उन्होंने कहा कि छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही कर रही हैं। वहीं, नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की। आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि ने संबोधन किया। 


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  आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के वेतन में 500 व 300 रुपये की बढ़ोतरी को मजाक करार दिया है। हरियाणा की तर्ज पर वेतन और अन्य सुविधाएं देने की मांग की। आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हजार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने, मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन देने की मांग की है।

24 छात्र व पांच अध्यापक, कोरोना पाजिटिव

 


होशियारपुर; कोरोना के कारण मंगलवार को पांच और लोगों की मौत हो गई। जिले में अब तक 386 लोग कोरोना के कारण दम तोड़ चुके हैं। कोरोना के केसों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सकते हैं और धीरे-धीरे हालात गंभीर हो रहे हैं। 


सबसे गंभीर विषय यह है कि कोरोना के स्कूलों में से पाजिटिव केस प्राप्त हो रहे हैं। इसके चलते 145 पाजिटिव केसों में 24 छात्र व पांच अध्यापक शामिल हैं। वहीं जिले में माइक्रो कंटेनमेंट जोनों की संख्या 18 हो गई है। 


दूसरी ओर, 20 स्कूलों में से भी 1377 सैंपल लिए गए। कुल 2834 नए सैंपल लिए गए हैं जबकि 1997 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। कुल पाजिटिव मरीजों का आंकड़ा 9438 हो चुका है। यदि कुल सैंपलों की बात की जाए तो अब तक 333786 सैंपल लिए जा चुके हैं और इनमें से 3,21,518 की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है। 


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