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हिमाचल में लगाया जा रहा कोविशिल्ड का टीका , पूरी तरह सुरक्षित : सरकार

 


कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार की 5 सूत्रीय रणनीति में टीकाकरण अभिन्न अंग 

स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार की कोविड-19 महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सरकार की 5 सूत्रीय रणनीति परीक्षण, ट्रेसिंग, उपचार, कोविड अनुरूप व्यवहार और टीकाकरण में टीकाकरण एक अभिन्न अंग है। 


उन्होंने कहा कि 80919 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, 51656 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 1490686 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान समय में कोविशिल्ड का टीका लगाया जा रहा है। 


प्रवक्ता ने बताया कि यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और केवल कुछ सावधानियां अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यदि कोविड वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद किसी प्रकार को कोई रिएक्शन हुआ हो तो आप कोविड वेक्सीन न लगवाएं।

 उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं को वैक्सीन न लगवाने का परामर्श दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से ठीक होने वाले, अस्पताल में कोविड संक्रमण के दौरान प्लाजमा थेरेपी लेने वाले मरीजों या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को बीमारी से ठीक होने के 4 से 8 सप्ताह तक वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए। यह टीका हमेशा अस्पताल में ही लगवाया जाना चाहिए

। प्रवक्ता ने बताया कि वे लोग जिनकी कोविड हिस्ट्री है, इम्यूनिटी कम है, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, गुर्दे और फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त है, वे भी इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगवाने के बाद इन्जेक्शन लगाए गए स्थान पर दर्द, सिरदर्द, थकान, बुखार, ठंड लगना आदि आम बात है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है।

 उन्होंने सभी पात्र लोगों से आग्रह किया कि वे आगे आकर शीघ्र अति शीघ्र कोविड वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने बताया कि यह पाया गया है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो जाता है तो उसकी गंभीरता कम रहती है। उन्होंने सभी व्यक्तियों से अपील की है कि जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है वह अपनी दूसरी खुराक, पहली खुराक के 6 से 8 सप्ताह के बाद लं ताकि प्रभावी प्रतिरक्षा का स्तर विकसित हो सके।

कोविड ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, कर्मचारियों व प्रशिक्षुओं को दिया जाएगा मानदेय

 

कोविड ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, कर्मचारियों व प्रशिक्षुओं को दिया जाएगा मानदेय

स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, समर्पित कोविड अस्पतालों में कोविड ड्यूटी देने वाले एमबीबीएस के चैथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षुओं, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों, प्रशिक्षु नर््सों अनुबंध लैब कर्मियों को दिए जाने वाले मानदेय की अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। 


उन्होंनेे कहा कि 30 जून, 2021 तक कोविड ड्यूटी पर तैनात सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को 10 हजार रुपये, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों को 10 हजार रुपये और एमबीबीएस के चैथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षु छात्रों को भी 10 हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोविड ड्यूटी देने वाली बीएससी व एमएससी प्रशिक्षु नर्सों को 6 हजार रुपये, अनुबंध लैब कर्मियों को 5 हजार रुपये और जीएनएम प्रशिक्षु नर्सों  को 5 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह मानदेय इन्हें मिलने वाले नियमित वेतन या भुगतान के अतिरिक्त होगा।

शास्त्री के 630 पदों पर भर्ती, नतीजा घोषित 1803 हुए पास

Himachal Pradesh Staff Selection Commission today declared the result of Written Objective Type Screening Test for the recruitment of 603 posts {Gen (UR)-219, Gen (EWS)-74, Gen (WFF)-08, OBC(UR)-95, OBC (BPL)-18, OBC(WFF)-01, SC(UR)-118, SC(BPL)-22, SC(WFF)-02, ST(UR)- 34, ST(BPL)-11 & ST (WFF)-01} of Shastri (on contract basis) Post Code: 813 held on 20th December, 2020 as per the award list and ratio approved (1:3/1:4) by the Hon'ble Commission. 

The requisition to fill up these posts was received from the Director of Elementary Education HP Shimla-1 and advertised vide advertisement No. 36-2/2020 dated 18.06.2020 and addendum dated 17.08.2020. In response to this advertisement, 5525 applications were received out of which 5326 applications were provisionally admitted. 



Thee Written Objective Type Screening Test was held on 20th December, 2020 in which 4817 candidates appeared and 509 candidates remained absent. Out of total 4817 candidates appeared, the following 1816 candidates have been provisionally shortlisted for further selection process.



339 पदों पर भर्ती,अब करें आवेदन 20 मई तक

 

कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में आज 339 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तिथियों में बढ़ोतरी कर दी है। 


हिमाचल प्रदेश में कोरोनावायरस के कारण हिमाचल प्रदेश में सभी साइबर कैफे कर्फ्यू के कारण बंद हैं इसलिए अब उम्मीदवार 20 मई तक ऑन लाइन आवेदन कर सकते हैं।

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कर्फ्यू के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार स्थगित

 


आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार स्थगित 
बाल विकास परियोजना अधिकारी  ने आंगनबाड़ी केंद्र भगवती नगर, टूटू एवं चलोठी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई थी। 


जिसे अब हिमाचल सरकार द्वारा कर्फ्यू के ऐलान के  बाद व सरकारी कार्यालयों बंद रहने के कारण स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला शहरी ममता पाल ने दी। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के लिए आगामी तिथि कार्यालय खुलने के बाद निर्धारित की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला  में संपर्क कर सकते हैं।

कोरोना कर्फ्यू : ढील ज्यादा , सख्ती कम‌। पढ़ें

  


बाहरी प्रदेशों के लिए भी बस व टैक्सी सेवा यथावत जारी रहेगी 
इंडस्ट्रीज-कंस्ट्रक्शनन वर्क के साथ जरूरी दुकानें दिनभर खुलेंगी 

प्रदेशश के भीतर आवाजाही के लिए किसी अनुमति की शर्त नहीं
  कंस्ट्रक्शन सामग्री व आपूर्ति वाली दुकानें भी खुली रहेंगी 

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 5 मई, 2021 को राज्य में कोविड-19 के नियंत्रण से संबंधित आपदा प्रबंधन की राज्य कार्यकारी समिति द्वारा 7 मई, 2021 की सुबह 6 बजे से 17 मई, 2021 की सुबह 6 बजे तक कोरोना कफ्यू लगाए जाने के संबंध में जारी आदेशों में आंशिक संशोधन किए गए है। 



उन्होंनेे कहा कि जारी आदेशों के अनुसार पुलिस, गृह रक्षक, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन, कारागार, नगर निगम सेवाएं के साथ आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कार्यालय बिना किसी प्रतिबंध के खुले रहेंगे। इस सूची में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को भी शामिल किया गया है।


 प्रवक्ता ने कहा कि 5 मई, 2021 को जारी आदेशों के बिन्दु संख्या 10 के भाग 4 में राज्य सरकार के आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले विभागों के अतिरिक्त अन्य सभी विभागों को लॉकडाउन के दौरान बंद रखने का उल्लेख है। संशोधित आदेश के अनुसार, लॉकडाउन शब्द को कर्फ्यू पढ़ा जाए।


 इसी तरह बिन्दु संख्या 11 में लॉकडाउन के दौरान सामान्य परामर्श के अन्तर्गत प्रयोग किए गए लॉकडाउन शब्द को भी कर्फ्यू पढ़ा जाए। बिन्दू संख्या 14 में दंडात्मक प्रावधान के तहत भी प्रयोग लॉकडाउन शब्द को भी कर्फ्यू पढ़ा जाए।



मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में कोरोना कफ्यू का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 


मुख्यमंत्रीी ने कहा कि सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम जनता प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करे ताकि कोरोना महामारी के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अलावा गरीबों और कमजोर वर्गों के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करना भी सरकार का उत्तरदायित्व है। 

कोरोना कर्फ्यू के आदेशों में संशोधन, 6 मई से नहीं लगेगा कर्फ्यू

 

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 5 मई, 2021 को राज्य में कोविड-19 के नियंत्रण से संबंधित आपदा प्रबंधन की राज्य कार्यकारी समिति द्वारा 7 मई, 2021 की सुबह 6 बजे से 17 मई, 2021 की सुबह 6 बजे तक कोरोना कफ्यू लगाए जाने के संबंध में जारी आदेशों में आंशिक संशोधन किए गए है। 



उन्होंनेे कहा कि जारी आदेशों के अनुसार पुलिस, गृह रक्षक, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन, कारागार, नगर निगम सेवाएं के साथ आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कार्यालय बिना किसी प्रतिबंध के खुले रहेंगे। इस सूची में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को भी शामिल किया गया है।


 प्रवक्ता ने कहा कि 5 मई, 2021 को जारी आदेशों के बिन्दु संख्या 10 के भाग 4 में राज्य सरकार के आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले विभागों के अतिरिक्त अन्य सभी विभागों को लॉकडाउन के दौरान बंद रखने का उल्लेख है। संशोधित आदेश के अनुसार, लॉकडाउन शब्द को कर्फ्यू पढ़ा जाए।


 इसी तरह बिन्दु संख्या 11 में लॉकडाउन के दौरान सामान्य परामर्श के अन्तर्गत प्रयोग किए गए लॉकडाउन शब्द को भी कर्फ्यू पढ़ा जाए। बिन्दू संख्या 14 में दंडात्मक प्रावधान के तहत भी प्रयोग लॉकडाउन शब्द को भी कर्फ्यू पढ़ा जाए।



मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में कोरोना कफ्यू का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 


मुख्यमंत्रीी ने कहा कि सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम जनता प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करे ताकि कोरोना महामारी के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अलावा गरीबों और कमजोर वर्गों के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करना भी सरकार का उत्तरदायित्व है। 



जयय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में है और केवल आक्सीजन के परिवहन के लिए सिलेण्डरों की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने प्रदेश में आक्सीजन सिलैण्डरों की कमी को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त आक्सीजन सिलैण्डर प्रदान करने का आग्रह किया है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के लिए स्वीकृत किए गए पीएसए आक्सीजन प्लांट को स्थापित करने के कार्य में तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे। 



मुख्यमंत्रीी ने कहा कि कोविड-19 जांच की रिपोर्ट तैयार करने में समय को कम करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए और इस कार्य में निजी प्रयोगशालाओं को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊना और कुल्लू में प्रयोगशालाएं स्थापित करने को स्वीकृति मिल गई है जिसके लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीन राजकीय महाविद्यालयों और आईआईटी मण्डी में प्रयोगशालाएं स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जानी चाहिए। 


जयय राम ठाकुर ने अधिकारियों को होम आइसोलेशन और अस्पतालों के माध्य समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि गम्भीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल स्थानातंरित करने में देरी लोगों की मृत्यु का कारण न बने। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कोरोना कप्रयू के दौरान आक्सीजन, पीपीई किट्स, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त सम्बन्धित जिलों में बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाने के अलावा कोविड जांच में भी तेजी लाना सुनिश्चित करें। 


अस्थाईई अस्पतालों के संचालन के लिए आउटसोर्स और युक्तिकरण के आधार पर पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध की जानी चाहिए। उन्होंने महामारी के दौरान आक्सीजन और अन्य साधनों का उचित उपयोग करने को कहा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने इस महामारी को रोकने के लिए राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों, चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से इस महामारी से लड़ने के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करने को मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि सभी कार्यान्वयन प्राधिकरणों को इस महामारी के दौरान सभी साधनों का प्रभावी आवंटन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने होम आइसोलेशन को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। 


पुलिसस महानिदेशक संजय कुण्डू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं की अवहेलना करने वालां के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में झूठी पहचान और गलत सूचना प्रस्तुत कर प्रवेश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने इस महामारी को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी विस्तार में बताया। 


प्रधानन सचिव सुभाशीष पाण्डा, विशेष सचिव सुदेश मोक्टा व अरिंदम चैधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया। .

कर्फ्यू के कारण भाषा अध्यापकों का मूल्यांकन शेड्यूल स्थगित

 

हिमाचल प्रदेष सरकार द्वारा दिनांक 07-05- 2021 से प्रदेश में कोरोना कर्फयू के लिए जारी निर्देषों के दृष्टिगत, हिमाचल प्रदेष कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा Language Teacher Post Code:-814 के पदों को भरने हेतू 15 अंको के मूल्यांकन कार्यकम जोकि दिनांक 10-05-2021 से 19-05-2021 तक निर्धारित था को स्थगित कर दिया गया है।


 उक्त आष्य हेतू नई तिथियों की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी।

 

भाषा अध्यापकों ,शास्त्री व कला अध्यापकों के पदों को भरने हेतू काऊसलिंग स्थगित

उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कार्यालय ऊना (हि0प्र0) ने अभ्यार्थियों को सूचित किया है कि भूतपर्व सैनिकों के आश्रितों में से भाषा अध्यापकों के 04 शास्त्री अध्यापकों के 03 तथा कला अध्यापकों के 03 पदों को भरने हेतू काऊसलिंग 11.05.2021 तथा 12.05.2021 को निर्धारित की गई थी, वह सरकार/प्रशासन द्वारा जारी कोविड-19 के आदेशों को मध्यनजर रखते हुए आगामी आदेशों तक स्थगित की गई है ।

 

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पंजाब सरकार का फैसला: स्कूलों में 50% अध्यापक ही आएंगे

 PUNJAB CM AGAIN RULES OUT LOCKDOWN, SAYS CURRENT RESTRICTIONS MORE STRINGENT THAN LOCKDOWN IN MANY STATES


ANNOUNCES PHASED OPENING OF SHOPS & INCENTIVES FOR HOUSING, LIMITS

TEACHERS IN GOVT SCHOOLS TO 50%


DIRECTS FOOD DEPT TO GIVE ADDL.10 KG ATTA TO SMART CARD BENEFICIARIES, 5 LAKH MORE FOOD KITS FOR COVID PATIENTS


GOVT GIVES SPENDING POWERS TO SARPANCHES & ULBs TO MEET URGENT NEEDS AT LOCAL LEVEL


Chandigarh, May 5

Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Wednesday again ruled out a complete lockdown, noting that the restrictions currently in place were more stringent than the lockdown conditions in many other states, and announced a series of relaxations and relief measures to alleviate the woes of various sections of the people amid the prolonged crisis.


The relaxations include phased opening of shops, and various incentives for the housing sector, including 3-month extension in permission period of construction of plots/projects for allotments, whether private or allotted, by state urban development authorities.



Amid spiralling Covid cases, the Chief Minister ordered limiting of the number of teachers in government schools to 50%, with the rest taking online classes from home. He also directed the Food Department to prepare 5 lakh additional food packets for distribution among Covid patients, to ensure that every patient individually gets a packet even where there are more than one patient in a family. The state government has also announced additional 10 kg Atta for 1.41 crore Smart Ration Card beneficiaries. The food aid is in addition to the 1 lakh food kits, containing 10 Kg Atta, 2 Kg Chana and 2 Kg sugar already sanctioned for all poor people testing positive with Covid. It is also additional to the food aid announced by the Government of India.

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Virtually chairing a cabinet meeting, the Chief Minister compared the Punjab restrictions with the curbs in place in states like Delhi, Maharashtra, Karnataka and Kerala, among others, and pointed out that it was not necessary to impose a total lockdown.


The Chief Minister said to meet immediate and urgent needs of the people at the local level, it had been decided by the government to authorize Sarpanches to spend up to Rs. 5,000 per day, subject to a maximum of Rs 50,000, out of Panchayat Funds for providing emergency relief by way of food & medicines to the poor and needy in the villages. All Urban Local Bodies have also been empowered to provide emergency relief, including food and medicines to the poor and needy, from the Municipal Fund.


Taking cognizance of the problems resulting from the restrictions, the Chief Minister asked the Social Welfare Department to immediate release social security / pension amounts to ensure that the people do not suffer further amid the current crisis.


For the Housing sector, apart from the permission extension, the Chief Minister has directed all 

Urban Development Authorities not to charge non-construction charges/extension fee/license renewal fee for the period 1st April – 31st July 2021. Further, Urban Development Authorities have been asked to waive the interest to be charged on any delayed Instalment, which was otherwise due between 1st April – 31st July 2021, provided that it is paid in equated monthly instalments after 1st August, 2021.


Taking note of the resentment among shopkeepers over selective closure of shops, the Chief Minister asked district administration officials to work out the phased shop reopening plan for their respective districts. Earlier, several cabinet ministers raised the issue of the resentment over selective closure of shops. Manpreet Badal, Tripat Bajwa and Bharat Bhushan Ashu, said the shopkeepers, especially in urban areas, were upset about the selective shop shutdown as part of the restrictions imposed in the state. The Chief Minister said the objective of the closure had been to prevent crowding but phased opening could be worked out by district administrations.


The Finance Minister earlier brought to the cabinet’s notice instances of private hospitals overcharging Covid patients despite fixing of rates. The Chief Minister directed the Health Department to investigate the matter and take stringent action against such private hospitals.

HP CABINET OFFICIAL DECISION 5TH MAY

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की और इस महामारी के मामलों में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की गई। इसके दृष्टिगत वायरस की चेन तोड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने राज्य में 7 मई, 2021 से 16 मई, 2021 मध्य रात्रि तक कोरोना कफ्यू लगाने का निर्णय लिया।


 इस अवधि के दौरान सभी सरकारी और निजी कार्यालय एवं संस्थान बंद रहेंगे। यह भी निर्णय लिया गया है कि स्वास्थ्य, बिजली, दूरसंचार, जलापूर्ति, स्वच्छता इत्यादि सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि नागरिक कार्य स्थलों, बागवानी एवं कृषि स्थलों और अन्य परियोजना स्थलों पर कार्य जारी रहेंगे। राज्य में शिक्षण संस्थान 31 मई, 2021 तक बंद रहेंगे।


 सभी सरकारी और निजी परिवहन सेवाएं 50 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालित होंगी और अन्तरराज्जीय परिवहन सेवा भी जारी रहेगी। वहीं, औद्योगिक संस्थान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे। 


राज्य में कोविड-19 मामलों में तेजी से हुई वृद्धि के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है। सीबीएसई द्वारा दसवीं कक्षा के अपने विद्यार्थियों को स्तरोन्नत करने के लिए सुझाए गए मानकों के आधार पर राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड भी इन सभी विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रमोट करेगा। यह निर्णय भी लिया गया है कि बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं और महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आगामी आदेशों तक निलम्बित रहेंगी। 


राजस्व संग्रहण, जो प्रदेश के राजस्व का एक प्रमुख साधन है, से संबंधित कार्यों में आबकारी एवं कराधान विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए और प्रदेश में विभिन्न कर कानूनों के बेहतर प्रबंधन एवं विनियमन के लिए बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारियों के वर्तमान पदों के स्थान पर विशेष एवं समर्पित हिमाचल प्रदेश राजस्व (राज्य कर एवं आबकारी) सेवा सृजित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना को 300 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की ताकि लोगों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। 

अस्पताल के लिए विभिन्न श्रेणियों के 76 पद सृजित करने को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में मण्डी जिला के धर्मपुर में आवश्यक पदों सहित नया जल शक्ति वृत्त सृजित करने का निर्णय लिया गया। ऊना जिले के कुटलैहड विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत थानाकलां में नया जल शक्ति मण्डल खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, जल शक्ति उप-मण्डल नम्बर-2 ऊना के बेहतर प्रशासनिक संचालन के लिए वर्तमान स्टाफ व अधोसंरचना को बसाल स्थानांतरित करने का भी फैसला लिया गया।

हिमाचल कैबिनेट के फैसले , Himachal Corona Curfew: हिमाचल प्रदेश में कोरोना Curfew लागू

हिमाचल में लाकडाऊन

हिमाचल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण सरकार ने यह निर्णय लिया है। सुबह सर्वदलीय बैठक के बाद शुरू हुई कैबिनेट बैठक में इस पर सहमति बनी। 

हिमाचल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने कोरोना कफ्र्यू की घोषणा कर दी है। 16 मई तक सख्त बंदिशें रहेंगी। सरकार ने संपूर्ण लॉकडाउन की बजाय कारोना कफ्यू लगाया है। अगले आदेश तक सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थान बंद रहेंगे

सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक आशा कुमारी, माकपा विधायक राकेश सिंघा सहित सरकार के वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के कारण पहले से उम्मीद लगाई जा रही थी कि हिमाचल सरकार उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तर्ज पर लॉकडाउन लगाने का निर्णय ले सकती है।


फिलहाल अभी 10 मई तक स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद किए गए थे। प्रदेश में 6 मई रात 12:00 बजे से में कोरोना कर्फ्यू लगेगा। इसी के साथ ही धारा 144 लागू कर दी जाएगी। पांच या इससे ज़्यादा लोग एक जगह इकठ्ठा नहीं होंगे। 16 मई तक सरकारी दफ्तर भी हिमाचल में बंद रहेंगे। कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। बाजार बंद रहेंगे।



हिमाचल में लगेगा लाकडाऊन या नहीं फैसला आज

 


हिमाचल में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो गई है। रोज नए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और मंगलवार को भी सबसे ज्यादा केस और मौतें हिमाचल में हुई हैं। इसे देखते हुए बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में लॉकडाउन या लॉकडाउन जैसी बंदिशें पर फैसला हो सकता है।


 कैबिनेट की बैठक से पहले सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री सर्वदलीय बैठक करेंगे, जिसमें कोरोना के कांग्रेस और अलावा 10वीं माकपा के विधायक भी की बोर्ड परीक्षा शामिल होंगे। विपक्षी दलों से भी राय लेने के बाद कैबिनेट में आगे के निर्णय पर चर्चा होगी। भारत सरकार पहले ही राज्यों को अपनी स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की छूट दे चुकी है। दूसरी ओर हिमाचल के पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और दिल्ली भी अपने यहां लॉकडाउन जैसी बंदिशें लगा चुके हैं।


 हिमाचल में भी कोरोना की रफ्तार को देखते हुए संसाधन कम पड़ रहे हैं और मौतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसलिए संभव है कि कैबिनेट लॉकडाउन लगाने पर पर भी फैसला फैसला ले ले। हालांकि इंटर स्टेट मूवमेंट और बॉर्डर बंद करने को लेकर शायद फैसला न हो पाए क्योंकि इस बारे में फिर केंद्र सरकार को पूछना जरूरी होगा। कै


कैबिनेटी इस बैठक में 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर भी फैसला होगा कि इन्हें रद करना है या अभी और इंतजार करना है। राज्य सरकार में कोरोना के केस बढ़ने के बाद 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को 17 मई तक स्थगित किया था, लेकिन सीबीएसई ने दसवीं की परीक्षा को रद करते हुए बच्चों को प्रमोट कर दिया है, जबकि 12वीं की परीक्षा की डेट अभी आनी है। इसी कारण शिक्षा विभाग ने न केवल 10वीं बल्कि कॉलेज एग्जाम को लेकर भी कैबिनेट के सामने बात रखने का का फैसला किया है।

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