राज्य में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी टेट की लाइफटाइम वैलिडिटी के लिए अभी और इंतजार करना होगा। दरअसल नेशनल काउंसल फॉर टीचर एजुकेशन यानी एनसीटीई ने भी इस बारे में अभी अधिसूचना जारी नहीं की है।
अक्तूबर में इसी साल काउंसिल की बैठक में एजेंडा आइटम नंबर 7 के तहत यह फैसला लिया गया है कि अब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट की वैलिडिटी 7 साल के बजाए लाइफ टाइम के लिए कर दी जाए।
इस फैसले का
प्रोस्पेक्टिव इफेक्ट होगा यानी जिस
डेट से यह अधिसूचना जारी होगी,
उस डेट तक वैलिड सर्टिफिकेट की
वैल्यू लाइफटाइम हो जाएगी ।
लेकिन एनसीटीई ने कहा है कि इस पर अभी लीगल ओपिनियन लेने की जरूरत है। इस ओपिनियन के बाद ही दिल्ली से अधिसूचना जारी होनी है।
हिमाचल सरकार भी उसके बाद
- ही इस बारे में कोई फैसला लेगी।
राज्य के शिक्षा सचिव राजीव शर्मा
ने बताया कि टेट की वैलिडिटी
लाइफटाइम करने
के लिए फैसला दिल्ली से होना है।
हमारे पास अभी
एनसीटीई अक्तूबर
में हुई बैठक के मिनट्स आए हैं,
लेकिन उनके आधार पर फैसला
नहीं हो सकता। हमें इस बारे में
अंतिम अधिसूचना का इंतजार है
और जैसे ही इस अधिसूचना की
प्रति मिलेगी, हम इस नियम को
हिमाचल में भी लागू कर लेंगे।
इसके लिए कैबिनेट से अनुमति
लेनी होगी।

